नयी दिल्ली , जुलाई 15 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धार्मिक नगर वाराणसी में अवसंरचना सुविधाओं के विस्तार सहित मंत्रिमंडल की बुधवार की बैठक के निर्णयों को जीवन की सुगमता, कृषि और उद्योग क्षेत्र की जरूरतों की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा है कि सरकार वाराणसी में विश्वस्तरीय अवसंरचना सुविधाओं के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री ने अपने निर्वाचन क्षेत्र वाराणसी में वरुणा और गंगा नदियों के किनारे किनाने खंभों पर चार और छह लेन के सड़क मार्गों के विस्तार के निर्णय का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, " काशी में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसी कड़ी में आज हमने गंगा के किनारे 6-लेन के अत्याधुनिक कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है। इससे शहर के प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच और बेहतर होगी। इसके साथ ही रोड नेटवर्क पर यातायात का दबाव कम होने से आवागमन ज्यादा सुगम होगा। यह प्रोजेक्ट पूर्वांचल के आर्थिक विकास में और तेजी लाने वाला है।"उन्होंने मंत्रिमंडल के विभिन्न निर्णयों पर अलग-अलग पोस्ट में कहा, ' उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी ( आवागमन एवं सम्पर्क सुविधाओं ) के विस्तार के साथ वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन को और अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनाने के लिए हम कृतसंकल्प हैं। इसी दिशा में आज हमारी सरकार ने वरुणा नदी के किनारे 6/4-लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ हमारे सांस्कृतिक महत्त्व के शहरों के लिए एक मॉडल बनेगा, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से यहां के लोगों का जीवन भी और आसान होगा।"नयी यूरिया नीति के निर्णय पर श्री मोदी ने कहा, ' देशभर के अपने किसान भाई-बहनों के कल्याण के लिए हमारी सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है। इसी कड़ी में आज राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे न सिर्फ गैस आधारित नए यूरिया उत्पादन संयंत्रों की स्थापना के लिए निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के संकल्प को भी नयी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने देश में मोबाइल फोन विनिर्माण और कंप्यूटर चिप विनिर्माण तंत्र को मजूबत करने के निर्णयों पर भी टिप्पणी की। श्री मोदी ने कहा, 'केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 62,500 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली मोबाइल फोन विनिर्माण योजना - (एमपीएमएस) को मंजूरी दे दी है। यह योजना देश में मोबाइल फोन उत्पादन को बढ़ावा देगी, घरेलू मूल्य संवर्धन को मजबूत करेगी, आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुदृढ़ बनाएगी तथा भारत में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करेगी।" उन्होंने कहा कि इससे आने वाले वर्षों में इस योजना से देश के युवाओं के लिए बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित