वाराणसी , मार्च 26 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सीवर और पेयजल की तीन बड़ी योजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

केंद्र और राज्य सरकार वाराणसी शहर के बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ करने में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में शासन ने वाराणसी नगर निगम के 18 अति-प्रभावित वार्डों तथा विस्तारित क्षेत्रों के लिए अमृत-2.0 योजना के तहत 259 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली सीवर व पेयजल की तीन बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

महापौर अशोक कुमार तिवारी ने गुरुवार को बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रखेंगे। हालांकि इस कार्यक्रम की तारीख अभी तय नहीं हुई है।

शासन द्वारा इसकी प्रथम किश्त भी जारी कर दी गई है और नगर निगम ने टेंडर की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। ऐसे में सीवर व पेयजल पाइपलाइनों को बिछाने का कार्य जल्द ही शुरू होने की संभावना है। प्रधानमंत्री के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संकल्प से अब शहर की पेयजल और सीवर व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव होना तय है। नव विस्तारित क्षेत्र रामनगर व सूजाबाद में सीवर और पेयजल पाइपलाइनों का जाल बिछने जा रहा है। रामनगर जोन में सीवर नेटवर्क बिछाने और हर घर को सीवर कनेक्शन से जोड़ने के लिए शासन ने 190 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

रामनगर के तीनों वार्डों में 69.98 किलोमीटर ब्रांच लाइन तथा 3.4 किलोमीटर राइजिंग (मेन) लाइन बिछाई जाएगी। इसके अलावा 10 एमएलडी क्षमता का एसटीपी तथा दो सीवर पंपिंग स्टेशन (एसपीएस) भी बनाए जाएंगे। इसी प्रकार सूजाबाद जोन में शुद्ध पेयजल आपूर्ति के विस्तार के लिए लगभग 35 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है। खास बात यह है कि यहां 13,645 घरों को सीवर कनेक्शन मुफ्त दिए जाएंगे।

इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य पुराने शहर के उन हिस्सों में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है, जहां सीवर व पेयजल की व्यवस्था काफी पुरानी हो चुकी है। शासन के संयुक्त सचिव देवेश मिश्र द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि वाराणसी के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। आदेश में कार्य को समय-सीमा के भीतर पूरा कराने की सख्त हिदायत दी गई है, ताकि लागत न बढ़े और जनता को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

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