वाराणसी , जुलाई 16 -- धार्मिक नगरी काशी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा का उल्लास चरम पर है। पुरी की तर्ज पर आयोजित होने वाली रथयात्रा के तहत लक्सा स्थित बंगाली आशुतोष हरिदास आश्रम में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा चांदी के रथ पर विराजमान हुए। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ चांदी के रथ को खींचते हुए मंदिर परिसर की परिक्रमा की।
आश्रम के पुजारी एस.पी. सेन गुप्ता ने बताया कि लगभग 100 वर्षों से यहां पुरी की परंपरा के अनुरूप विधि-विधान से रथयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाओं को चांदी के रथ पर विराजमान कर यात्रा निकाली जाती है। इस रथयात्रा की विशेषता यह है कि भगवान का रथ पूर्णतः चांदी का बना है, जबकि भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की प्रतिमाएं स्वर्ण निर्मित हैं।
रथयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि इस आश्रम की रथयात्रा अन्य स्थानों से अलग और विशेष है। चांदी के भव्य रथ तथा स्वर्ण निर्मित विग्रहों के दर्शन कर श्रद्धालु स्वयं को धन्य महसूस करते हैं। उनके अनुसार इस अद्भुत और दिव्य आयोजन के दर्शन जीवनभर की अविस्मरणीय अनुभूति प्रदान करते हैं।
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