वाराणसी , जुलाई 15 -- धार्मिक नगरी काशी में 15 दिनों के विश्राम के बाद भगवान जगन्नाथ के स्वस्थ होने पर बुधवार को अस्सी स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की भव्य डोली यात्रा नगर भ्रमण के लिए निकाली गई।
डोली यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके साथ ही काशी में रथयात्रा महोत्सव की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूर्णिमा के दिन विशेष स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ अस्वस्थ हो जाते हैं और 15 दिनों तक विश्राम करते हैं। स्वस्थ होने के बाद वे पहली बार भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी परंपरा के तहत बुधवार को डोली यात्रा निकाली गई। डमरुओं की गूंज और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
डोली यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान का भजन-कीर्तन के साथ स्वागत किया। भक्तों में भगवान की डोली को कंधा देने और दर्शन करने की उत्सुकता दिखाई दी। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन भगवान के दर्शन और डोली का स्पर्श करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, बुधवार शाम भगवान विश्राम करेंगे। इसके बाद गुरुवार को भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर मौसी के घर के लिए प्रस्थान करेंगे। इसके साथ ही वाराणसी का प्रसिद्ध तीन दिवसीय रथयात्रा मेला (16 से 18 जुलाई) विधिवत शुरू हो जाएगा।
रथयात्रा मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं।
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