वाराणसी , फरवरी 15 -- धार्मिक नगरी काशी में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर चारों ओर उत्सव का माहौल छाया हुआ है। इस पर्व पर काशी के तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर से निकलने वाली शिव बारात में शामिल होने के लिए काशीवासियों के साथ-साथ देश-विदेश से भक्त बड़ी संख्या में पहुंचे हैं।

प्राचीन परंपरा के अनुसार शिव बारात ने इस बार भी अपनी चमक बिखेरी। भगवान भोलेनाथ के विवाह के अवसर पर पूरी काशी शिवमय हो उठी। शहर के विभिन्न शिवालयों से निकलने वाली शिव बारातों में इस बार विशेष आकर्षण रहे वे भक्त, जो देवी-देवताओं के रूप धारण कर बारात में शामिल हुए। साथ ही झूमते-गाते भूत-प्रेत भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे।

शिव बारात समिति के विनोद यादव ने बताया कि काशी की यह बारात दशकों पुरानी परंपरा का निर्वहन करती है। विवाह से जुड़ी हर रस्म को महिलाएं और पुरुष मिलकर पूरा करते हैं। बैंड-बाजों के साथ निकलने वाली महादेव की इस बारात में भूत-प्रेतों के साथ-साथ देवी-देवता भी शामिल होते हैं।

स्थानीय निवासी कपिल सोनकर ने बताया कि शिव बारात में भूत-प्रेत, दानव-असुर, अड़भंगी, साधु-सन्यासी तथा देवी-देवताओं के स्वरूप में बाराती शामिल होते हैं। इस बार सात समंदर पार से आए शिव भक्त भी इस परंपरा में शामिल होकर "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के उद्घोष के साथ बारात में झूमते नजर आए। बारात मंदिर से निकलकर शहर के विभिन्न इलाकों से गुजरती हुई वापस तिलभांडेश्वर मंदिर लौटती है। देर शाम को मैदागिन से भी एक भव्य शिव बारात निकलती है।

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