वाराणसी , जुलाई 25 -- नगर निगम प्रशासन ने शहर की सफाई व्यवस्था और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को रामनगर जोन में औचक निरीक्षण के दौरान मिली गंभीर अनियमितताओं पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कार्य में शिथिलता पाए जाने पर रामनगर के जोनल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने, संबंधित अवर अभियंता (सिविल) के सेवा अभिलेख में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने तथा सफाई सुपरवाइजर का 10 दिनों का वेतन काटने के निर्देश दिए।
नगर आयुक्त ने रामनगर जोन में साफ-सफाई, पेयजल, सड़क निर्माण, सीवर ओवरफ्लो, अतिक्रमण तथा नाला-नाली सफाई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि स्थानीय दुकानदारों और गृहस्वामियों ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण कर रखा है। कई स्थानों पर नालियों और नालों के ऊपर पक्के स्लैब डालकर उन्हें ढक दिया गया है, जिससे न केवल सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि जल निकासी भी बाधित हो रही है।
अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान नहीं चलाने तथा क्षतिग्रस्त नालियों और नालों की मरम्मत नहीं कराने पर नगर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जोनल अधिकारी को इसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि रामनगर जोन को स्वच्छ, सुंदर और अतिक्रमण मुक्त बनाए रखना जोनल अधिकारी की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसके निर्वहन में लापरवाही बरती गई।
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त नालियों के कारण जलभराव भी मिला। इस पर संबंधित अवर अभियंता (सिविल) की कार्यप्रणाली को शिथिल मानते हुए उनके सेवा अभिलेख में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए गए। सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करते समय नगर आयुक्त को विभिन्न स्थानों पर कूड़े के ढेर मिले। उन्होंने नियमित सफाई नहीं होने तथा सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा फेंकने वालों के विरुद्ध प्रभावी रोकथाम एवं जुर्माने की कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। सफाई कार्य में घोर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सफाई सुपरवाइजर का 10 दिनों का वेतन काटने का आदेश दिया गया।
निरीक्षण के दौरान जलकल महाप्रबंधक अनूप सिंह, अधिशासी अभियंता (सिविल), सहायक अभियंता (सिविल), सफाई निरीक्षक तथा नगर निगम एवं जलकल विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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