वाराणसी , जून 10 -- वाराणसी नगर निगम ने शहर की प्राचीन एवं ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखते हुए इसे आधुनिक रूप देने के लिए 48.88 करोड़ रुपये की भव्य कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत शहर के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर बुनियादी ढांचे को न केवल मजबूत किया जाएगा, बल्कि सार्वजनिक स्थानों को बनारस की पारंपरिक शैली में विकसित कर इसकी वैश्विक पहचान को नया आयाम दिया जाएगा।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर के 15 प्रमुख चौराहों और तिराहों के सौंदर्यीकरण की शुरुआत मिंट हाउस और नदेसर तिराहे से हो चुकी है। वहां बनारस की प्राचीन वास्तुकला को दर्शाते हुए हेरिटेज स्टाइल ट्रैफिक बूथ और एक बड़ी प्राचीन शैली की घड़ी स्थापित की गई है। प्रथम चरण में 3.10 करोड़ रुपये की लागत से कचहरी, पुलिस लाइन, सुंदरपुर और भिखारीपुर चौराहों का कायाकल्प किया जा चुका है।
इतना ही नहीं, बाबतपुर एयरपोर्ट रोड से शहर की ओर आने वाले वीआईपी मार्गों को 'स्पिरिचुअल गेटवे' के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मार्ग पर 2.35 करोड़ रुपये की लागत से भव्य महाकाल स्तंभ पिलर्स राहगीरों का स्वागत करेंगे।
वहीं मैदागिन चौराहा से गिरजाघर चौराहा होते हुए गोदौलिया मार्ग को 3.98 करोड़ रुपये की लागत से हेरिटेज लाइटिंग के माध्यम से दूधिया रोशनी से नहलाया जाएगा, जो रात के समय काशी की भव्यता में चार चांद लगा देगा।
इस महायोजना के तहत शहर की सबसे बड़ी समस्या यातायात और पार्किंग संकट पर सीधा प्रहार किया गया है। पर्यटकों के प्रमुख केंद्र सारनाथ में एक विशाल आधुनिक स्वचालित (स्लाइडिंग/पजल) पार्किंग स्थल का निर्माण कराया जाएगा, जो तकनीकी रूप से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को नई रफ्तार देगा।
इसके साथ ही महाश्मशान मणिकर्णिका घाट के समीप अनियंत्रित भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय सब्जी मंडी को व्यवस्थित करने और एक समर्पित टू-व्हीलर पार्किंग बनाने की तैयारी है।
धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र पिशाचमोचन कुंड पर हर साल पितृ पक्ष, त्योहारों और विशेष पूजा-अर्चना के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए नगर निगम यहां 2.34 करोड़ रुपये की लागत से शौचालय, शुद्ध पेयजल और बेहतर ठहरने की व्यवस्था करने जा रहा है।
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