वाराणसी , अप्रैल 6 -- वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सोमवार को जिले में संचालित सभी गौआश्रय स्थलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि गौशालाओं में मानकों के अनुसार ही समुचित प्रबंध होने चाहिए। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि आज ही एढ़े गांव स्थित एक गौशाला में मृत गोवंश को आवारा कुत्ते द्वारा नोचने का मामला सामने आया था।
जिलाधिकारी ने गौशालाओं में निराश्रित गोवंश के समुचित रखरखाव, भूसा एवं चारे की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गहन समीक्षा की। गर्मी के मौसम को देखते हुए उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि गौशालाओं में गोवंश को धूप से बचाव के लिए पर्याप्त छायादार शेड, ग्रीन नेट तथा जूट की बोरी से छाया की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने खाली पड़े स्थानों पर वृक्षारोपण कराने पर भी जोर दिया। साथ ही नियमित रूप से पानी का छिड़काव कर तापमान को नियंत्रित रखने के निर्देश दिए। सभी गौशालाओं में हरे चारे की उपलब्धता के साथ-साथ स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल हर समय सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए निर्बाध जल आपूर्ति बनाए रखने के भी निर्देश दिए गए।
गोवंश के स्वास्थ्य एवं संचारी रोगों के नियंत्रण के संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण तथा पशु चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की बीमारी की सूचना मिलते ही तत्काल उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूसे का टेंडर समय से कर लिया जाए तथा प्रत्येक गौशाला में पर्याप्त मात्रा में भूसे का भंडारण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्थायी रूप से भूसा बैंक एवं भूसा शेड की स्थापना की जाए, ताकि वर्ष भर गोवंश को चारे की कमी का सामना न करना पड़े।
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