वाराणसी , फरवरी 20 -- धार्मिक नगरी काशी में शुक्रवार को सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल देखने को मिली। सिगरा स्थित शहीद उद्यान में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के दो दिवसीय कार्यक्रम के अंतिम दिन 59 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे।
खास बात यह रही कि एक ही परिसर में जहां एक ओर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 24 हिंदू जोड़ों ने अग्नि के समक्ष सात फेरे लिए, वहीं दूसरी ओर 34 मुस्लिम जोड़ों ने अपनी रवायतों के अनुसार निकाह कबूल किया। मंत्रों की गूंज और निकाह की आयतों ने 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की संकल्पना को साकार कर दिया तथा गंगा-जमुनी तहजीब को जीवंत रूप प्रदान किया।
समारोह के दौरान मुख्य अतिथियों ने पुष्प वर्षा कर नवदंपतियों के सुखद भविष्य की मंगलकामना की। मुख्य अतिथि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि सामूहिक विवाह समारोह भारत की असली और समावेशी तस्वीर पेश करता है। किसी भी गरीब परिवार के लिए बेटी की गरिमापूर्ण विदाई सबसे बड़ी चिंता होती है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की प्रेरणा से संचालित इस योजना ने गरीब की यह चिंता हमेशा के लिए दूर कर दी है। इसके लिए प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन बधाई के पात्र हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये जोड़े राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देंगे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित