वाराणसी , मार्च 26 -- वाराणसी शहर में बंदरों के बढ़ते आतंक और उनके प्रबंधन को लेकर लंबे समय से चली आ रही खींचतान पर अब विराम लग गया है। अब तक शहर में बंदरों को पकड़ने और उनके निस्तारण की जिम्मेदारी नगर निगम की मानी जाती थी, लेकिन उत्तर प्रदेश शासन के नए आदेश के बाद अब यह पूरी जिम्मेदारी पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सौंप दी गई है।
निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने गुरुवार को बताया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय में विचाराधीन एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद शासन ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे बंदरों के प्रबंधन में अब विशेषज्ञता और गति आने की उम्मीद है। इलाहाबाद हाईकोर्ट में विनीत शर्मा व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में पारित आदेशों के क्रम में हाल ही में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई।
इस बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर विशेष सचिव, नगर विकास विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिए गए हैं। आदेश के अनुसार, बंदरों की समस्या से निपटने के लिए वन विभाग को एक माह के भीतर एक समेकित कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करनी होगी। इस योजना में बंदरों को पकड़ने से लेकर उनके पुनर्वास तक की पूरी रूपरेखा शामिल होगी।
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