वाराणसी , अगस्त 7 -- सावन माह में धार्मिक नगरी काशी में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं कांवड़िये श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंच रहे हैं। अधिकांश श्रद्धालु मां गंगा में स्नान कर बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने जा रहे हैं। इस बीच नमामि गंगे अभियान के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी गंगा की स्वच्छता को लेकर लगातार जनजागरण अभियान चला रहे हैं।

राजेंद्र प्रसाद घाट पर शुक्रवार को श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों को मां गंगा की स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संदेश दिया गया कि मां गंगा हमारी आस्था का केंद्र हैं और उन्हें स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। सभी के सामूहिक प्रयास से ही गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाए रखा जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान नमामि गंगे अभियान से जुड़े कार्यकर्ताओं तथा सैकड़ों कांवड़ियों ने स्वच्छता एवं सामाजिक एकता का संदेश देते हुए आह्वान किया कि कांवड़ यात्रा के माध्यम से गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ रखने का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जाए।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक एवं नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के नेतृत्व में घाट पर उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं ने स्वच्छता की शपथ ली। हाथों में स्वच्छता संबंधी संदेश लिखी तख्तियां लेकर लोगों को जागरूक किया गया।

राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा में किया जाने वाला प्रत्येक अर्पण पर्यावरण के अनुकूल होना चाहिए, जिससे जलीय जीवन सुरक्षित एवं स्वस्थ रह सके। उन्होंने कहा कि पूजा-अर्चना अथवा नदी तट पर होने वाले धार्मिक संस्कारों के बाद यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी प्रकार का कचरा या प्रदूषणकारी सामग्री नदी में न डाली जाए।

उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे स्वयं भी नदियों में गंदगी नहीं फैलाएंगे और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।

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