वाराणसी , अक्टूबर 17 -- धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से अगरबत्ती, धूप और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इस पहल से धार्मिक अपशिष्ट के प्रबंधन, नदियों को प्रदूषण से बचाने और महिलाओं को रोजगार देने में मदद मिल रही है।

नगर निगम के सहयोग से कोमल सिंह की संस्था ईजी हेल्प काशी के करीब 110 मंदिरों से प्रतिदिन लगभग एक हजार किलोग्राम फूल और पत्तियां एकत्र करती है। इसके लिए तीन ई-रिक्शा को 'पुष्प-रथ' नाम दिया गया है। कोमल सिंह के अनुसार, शुरुआत में 10 मंदिरों से फूल एकत्र करने का काम शुरू किया गया था। अब इन फूलों को छांटकर प्राकृतिक तरीके से सुखाया जाता है और पीसकर उनसे अगरबत्ती, धूप, ड्राई स्टिक धूप, हर्बल गुलाल तथा तुलसी पाउडर जैसे उत्पाद तैयार किए जाते हैं।

उन्होंने बताया कि एकत्रित फूलों में 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा उत्पाद निर्माण के अनुकूल नहीं होता। इसके उपयोग के लिए जैविक खाद बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इस पहल से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 70 से 80 महिलाओं को रोजगार मिल रहा है। उनकी मासिक आय आठ से दस हजार रुपये है।

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार, यह पहल पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक अपशिष्ट प्रबंधन और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रही है।

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