वाराणसी , अक्टूबर 18 -- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में आगामी 22, 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित होने वाले एयर शो को सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए वाराणसी पुलिस ने व्यापक तैयारियां की हैं।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने शनिवार को सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, आपातकालीन निकासी और जनसुविधाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों एवं ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संभावित कार्यक्रम के अनुसार 25 अक्टूबर को काशी पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री बाबतपुर एयरपोर्ट से सीधे खोचवां अरविंद मिल जा सकते हैं। यहां महिलाओं से संवाद का कार्यक्रम संभावित है। यहां से हेलीकॉप्टर से पुलिस लाइन जाएंगे और सड़क मार्ग से नमो घाट एयर शो देखने पहुंचेंगे।
एयर शो के दौरान सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के लिए शहर के निर्धारित क्षेत्रों में 48 और घाट क्षेत्रों में 31, कुल 79 अस्थायी पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक थाने पर एक उपनिरीक्षक और चार आरक्षियों की तैनाती की गई है। पुलिसकर्मी अपने निर्धारित क्षेत्रों में भ्रमणशील रहकर सुरक्षा व्यवस्था, पार्किंग प्रबंधन और दर्शकों के सुगम आवागमन पर नजर रखेंगे।
उन्होंने एयर शो के आसपास स्थित जर्जर एवं संवेदनशील भवनों को चिह्नित कर उनके स्वामियों को आवश्यक नोटिस देने के निर्देश दिए। भवनों की छतों पर क्षमता से अधिक लोगों को एकत्रित होने से रोकने तथा संभावित दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
घाटों पर बैरिकेडिंग की मजबूती का भौतिक सत्यापन करने और जरूरत के अनुसार दोहरी बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और आपातकालीन निकासी को सुगम बनाने के लिए दर्शक दीर्घाओं एवं प्रवेश क्षेत्रों की व्यवस्था भीड़ के दबाव को ध्यान में रखकर की जाएगी। प्रत्येक इनक्लोजर का क्षेत्रफल 3,000 वर्ग मीटर से अधिक नहीं रखने को कहा गया है।
नमोघाट से लगभग दो किलोमीटर दूर वरुणा नदी के किनारे सरायमोहन घाट से खाकी कुटी बाबा मंदिर घाट तक 10 ब्लॉक बनाकर दर्शकों के लिए बेहतर व्यवस्था की जा रही है। डुमरी क्षेत्र में भी ऐसे स्थल विकसित किए जा रहे हैं, जहां से दर्शक सुविधाजनक तरीके से एयर शो देख सकेंगे।
पुलिस ने संभावित भीड़ और यातायात के दबाव को देखते हुए चार अलग-अलग ट्रैफिक प्लान तैयार किए हैं। यातायात व्यवस्था को आंतरिक और बाहरी, दो भागों में विभाजित किया गया है। इसके तहत बैरियर, डायवर्जन और वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को यातायात योजनाओं का गहन अध्ययन करने और आवश्यक सुधार के लिए सुझाव देने को कहा गया है।
दर्शकों की सुविधा के लिए दर्शक दीर्घाओं को अलग-अलग जोन में बांटकर उनके अनुरूप पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। शहर से आने वाले दर्शकों को गंगा के इस पार और बाहरी जनपदों से आने वालों को रामनगर-पड़ाव की ओर निर्धारित पार्किंग एवं दर्शक स्थलों का उपयोग करने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। प्रमुख मार्गों, पार्किंग स्थलों और प्रवेश बिंदुओं पर तैनात पुलिसकर्मी दर्शकों को सही दिशा में जाने में मदद करेंगे, जिससे जाम और अव्यवस्था से बचा जा सके।
आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए शहर में तीन ग्रीन कॉरिडोर तैयार किए गए हैं। इनके माध्यम से मरीजों और आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावित लोगों को समय से अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। सर सुंदरलाल अस्पताल, आईएमएस-बीएचयू, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर, शिवप्रसाद गुप्त अस्पताल और पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल सहित प्रमुख सरकारी एवं निजी अस्पतालों को चिह्नित किया गया है। एंबुलेंस की आवाजाही सुचारु रखने के लिए पुलिस और यातायात पुलिस के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा।
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