शिवमोगा , जुलाई 29 -- कर्नाटक प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कावेरी जल बंटवारे के मुद्दे पर बुधवार को कर्नाटक सरकार पर अपना हमला तेज करते हुए पानी की संभावित कमी के बावजूद तमिलनाडु के लिए पानी छोड़कर राज्य के किसानों के हितों की बलि देने का आरोप लगाया और इसके विरोध में 31 जुलाई को मांड्या में एक बड़े विरोध प्रदर्शन की घोषणा की।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने यहा पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कावेरी बेसिन के किसानों को पानी की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण खेती न करने की सलाह दी थी, जबकि इसके साथ ही पड़ोसी राज्य को पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री किसानों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। एक तरफ वे किसानों से कहते हैं कि पानी पर्याप्त न होने के कारण खेती न करें और दूसरी तरफ वे तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़ रहे हैं।
सरकार के रुख को 'विरोधाभासी और किसान विरोधी' बताते हुए भाजपा नेता ने कहा कि यदि कावेरी जल नियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के निर्देशों का पालन करने से राज्य की जल सुरक्षा खतरे में पड़ती है, तो कर्नाटक को उसका अंधानुकरण नहीं करना चाहिए। उन्होंने सरकार से पानी छोड़ने के बजाय उपयुक्त कानूनी और संवैधानिक मंचों से समिति के निर्देशों को चुनौती देने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि इसका पालन करने से कर्नाटक के पास अपने किसानों के लिए अपर्याप्त जल भंडार रह जायेगा।
श्री विजयेंद्र ने कहा कि मांड्या में 31 जुलाई का आंदोलन किसानों के हितों की रक्षा के लिए किया जायेगा और उन्होंने दावा किया कि विभिन्न किसान संगठनों और जेडीएस नेता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे, जो कावेरी मुद्दे पर विपक्ष के गोलबंद होने का संकेत है।
हाल के विरोध प्रदर्शन में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर भाजपा विधान पार्षद सीटी रवि के खिलाफ दर्ज मामले पर श्री विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर विपक्षी नेताओं को डराने-धमकाने के लिए पुलिस तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "ऐसे कई जरूरी मुद्दे हैं, जिन पर गृह मंत्री के ध्यान की जरूरत है। भाजपा नेताओं को निशाना बनाने के बजाय सरकार को जनता को प्रभावित करने वाले मामलों का समाधान करना चाहिए।"पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के 2028 का विधानसभा चुनाव न लड़ने की रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए श्री विजयेंद्र ने दावा किया कि कांग्रेस अपने वरिष्ठ नेता के बिना चुनावी रूप से संघर्ष करेगी और विधानसभा में '50-60 सीटों' पर सिमट सकती है।
मांड्या विरोध प्रदर्शन की घोषणा कावेरी जल बंटवारे को लेकर बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच हुई है, जिसमें भाजपा खुद को कर्नाटक के किसानों के रक्षक के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है, वहीं अंतरराज्यीय नदी विवाद को संभालने के तरीके को लेकर कांग्रेस सरकार पर दबाव बढ़ा रही है।
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