उज्जैन , अक्टूबर 25 -- मध्यप्रदेश की प्राचीन नगरी उज्जैन में पराम्परानुसार इस वर्ष भी 67वां अखिल भारतीय कालिदास समारोह 30 अक्टूबर से 7 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।

इस बार के समारोह में अनेक नवाचार, लोकप्रिय आकर्षण होंगे एवं साथ ही नई पीढ़ी की सहभागिता भी होगी।

कालिदास संस्कृत अकादमी के निदेशक डॉ. गोविन्द गन्धे ने बताया कि एक नवंबर देवप्रबोधनी एकादशी से शुरू होने वाले अखिल भारतीय कालिदास समारोह का विधिवत उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव करेंगे और समारोह का समापन एवं पुरस्कार वितरण प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न होगा।

उन्होंने बताया कि इसके पूर्व 30-31 अक्टूबर को पूर्वरंग सम्पन्न होगा। पूर्वरंग के अन्तर्गत 30 अक्टूबर को माँ गढ़कालिका पर वागर्चन में शहर के विद्यालय, महाविद्यालय तथा गुरुकुल के 1100 बटुकों, छात्र-छात्राओं के द्वारा श्यामलादंडकम् एवं देवी स्तुति की प्रस्तुति दी जायेगी। इस अवसर पर नृत्याराधना नृत्य मंदिर संस्थान, उज्जैन द्वारा देवी स्तुति में नृत्य आराधना भी की जायेगी।

दूसरे दिन 31 अक्टूबर रामघाट पर तीर्थ पुजन तथा महाकाल के आशीर्वाद के पश्चात शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गो होते हुए कलश यात्रा निकलेगी तथा अकादमी परिसर में मंगल कलश की स्थापना होगी। कलश यात्रा में आकर्षण छत्तीसगढ़ का पंथी नृत्य, नासिक के ढोल-ताशे, विद्यालयों के घोष पथक, म.प्र. पुलिस बैंड, लोककलाकारों के नृत्य तथा गणमान्य नागरिक रहेंगे। इसी दिन सायंकाल रत्नागिरी महाराष्ट्र के युवा कलाकारों के द्वारा वाद्यवृंद समूह के साथ संस्कृत आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति होगी। इस वर्ष युवाओं के द्वारा इस समारोह में यह नवाचार होगा। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा आधुनिक वाद्य यन्त्रों के साथ आकर्षक धुनों पर संस्कृत गीतों की प्रस्तुति दी जायेगी।

उन्होंने बताया कि एक नवम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव समारोह का विधिवत उद्घाटन करेंगे। सायं काल भक्ति संगीत के कार्यक्रम में सुगम एवं भक्ति संगीत की प्रस्तुति राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गायिका सुश्री सूर्यागायत्री, कालीकट (केरल) की भक्ति संगीत की प्रस्तुति होगी।

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