चेन्नई , अप्रैल 16 -- संसद में पेश किये जा रहे परिसीमन विधेयक के विरोध में काला झंडा फहराते हुये, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने गुरुवार को इस मसौदे की एक प्रति जलाई और इसे एक ऐसा विधायी कदम बताया जिसका उद्देश्य तमिल लोगों को उनके अपने ही देश में शरणार्थी बनाना है।

श्री स्टालिन ने एक सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया, "मैं उस विधेयक की प्रति जलाकर एक और आग सुलगा रहा हूं, जो तमिलों को अपने ही देश में शरणार्थी बना देगा। यह आग पूरे द्रविड़ क्षेत्र में फैल जायेगी और भाजपा के अहंकार को तोड़ेगी।"द्रमुक और उसके 'इंडिया' गठबंधन के सहयोगी दल परिसीमन विधेयक के प्रति अपना कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिये घरों और सार्वजनिक स्थानों पर काले झंडे लगाकर 'काला दिवस' मना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नमक्कल में काला झंडा फहराया, जहां वे चुनाव प्रचार कर रहे हैं, वहीं चेन्नई स्थित द्रमुक मुख्यालय 'अन्ना अरिवलयम' के साथ-साथ अन्य जिलों में द्रमुक के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन के नेताओं और पदाधिकारियों के आवासों पर भी पूरे राज्य भर में काले झंडे लहराते दिखे।

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