लखनऊ , मार्च 17 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ कालाबाजारी के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। 12 से 17 मार्च के बीच पूरे प्रदेश में 5813 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की गई।

कार्रवाई के दौरान कालाबाजारी में संलिप्त 12 एलपीजी वितरकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, जबकि 74 अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध भी मुकदमे दर्ज हुए।

अभियान के तहत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 85 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

सरकार की सख्ती के बीच प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही है। राज्य के 4108 एलपीजी गैस वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुसार समय पर रिफिल उपलब्ध कराया जा रहा है।

वितरकों के पास पर्याप्त मात्रा में गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, जिससे किसी प्रकार की कमी की स्थिति नहीं है। वहीं, वाणिज्यिक सिलेंडरों के लिए केंद्र सरकार द्वारा कुल खपत का 20 प्रतिशत आवंटन भी सुनिश्चित किया गया है।

पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान और समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। इसके साथ ही होम कंट्रोल और जनपद स्तर पर भी कंट्रोल रूम सक्रिय किए गए हैं।

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