जयपुर , मार्च 28 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभी जिला कलक्टर्स को प्रतिदिन एलपीजी के संबंध में नियमित समीक्षा कर जमीनी परिस्थितियों का फीडबैक लेने के निर्देश दिए और कालाबाजारी एवं ओवरप्राइसिंग में लिप्त संस्थाओं या व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई एवं बार-बार उल्लंघन करने वालों को ब्लैकलिस्ट करने के लिए निर्देशित किया हैं।
श्री शर्मा शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में एलपीजी आपूर्ति के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान कर रहे थे। उन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों को संयुक्त टीमों के तहत विशेष अभियान चलाने के लिए निर्देशित किया। साथ ही, सभी जिलों में एलपीजी और आवश्यक वस्तुओं के गोदामों, एजेंसियों एवं वितरण केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जिले में हेल्पलाइन एवं शिकायत पोर्टल की पूर्ण सक्रियता एवं प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का 24 घंटे में त्वरित समाधान हो तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग कर मुख्य सचिव स्तर पर रिपोर्ट दी जाए। वहीं, सोशल मीडिया, स्थानीय मीडिया एवं पंचायत स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। उन्होंने कहा कि अफवाह या गलत सूचना के कारण उत्पन्न कृत्रिम मांग को तुरंत नियंत्रित करने के साथ ही मांग और आपूर्ति की वास्तविक स्थिति का भी दैनिक आकलन किया जाए।
श्री शर्मा ने सभी जिला कलक्टर्स को केंद्र सरकार द्वारा जारी एलपीजी आवंटन संबंधी दिशा-निर्देशों की जिलों में पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित कराने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि ओटीपी आधारित वितरण और डायरी में एंट्री को अनिवार्य रूप से लागू करवाया जाए। साथ ही, पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) एवं सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने संबंधी सभी स्वीकृतियां 24 घंटे के भीतर जारी हों वहीं औद्योगिक संस्थानों को पीएनजी अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाए।
बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार की नवीन एसओपी के तहत व्यवसायिक गैस सिलेंडर की आवश्यकतानुसार आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। प्रदेश में 27 मार्च तक 3 हजार 741 निरीक्षण किए गए हैं, इनमें एक हजार 506 गैस एजेंसियों का निरीक्षण शामिल है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा आमजन को सहायता उपलब्ध कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर 14435, 112 और 181 संचालित किए जा रहे हैं।
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