गोपालगंज , अप्रैल 24 -- बिहार के गोपालगंज जिले में पंचायत रोजगार सेवक शशि भूषण गिरी की सेवा कार्य में लापरवाही एवं विभागीय निर्देशों की अवहेलना के आरोप में समाप्त कर दी गयी है।

जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), गोपालगंज की ओर से जारी आदेश के अनुसार पंचायत रोजगार सेवक शशि भूषण गिरी की सेवा समाप्त कर दी गई है। यह कार्रवाई उनके लगातार अनाधिकृत अनुपस्थिति, कार्य में लापरवाही एवं विभागीय निर्देशों की अवहेलना के आरोपों के आधार पर की गई है।

आधिकारिक सूत्रों अनुसार, कार्यक्रम पदाधिकारी (मनरेगा), विजयीपुर द्वारा 16 मार्च 2026 के माध्यम से यह प्रतिवेदित किया गया था कि श्री गिरी, जो ग्राम पंचायत राज-कुटिया एवं मझवलिया में पंचायत रोजगार सेवक के रूप में कार्यरत थे, बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार चार दिनों तक अनुपस्थित रहे। उनके अनुपस्थित रहने के कारण विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य बाधित हो रहे थे।इस संबंध में कार्यालय 18 मार्च 2026 के तहत उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था और 20 मार्च 2026 तक जवाब देने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, निर्धारित समयावधि में उन्होंने कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद पुनः 24 मार्च 2026 के माध्यम से द्वितीय स्पष्टीकरण की मांग की गई, लेकिन इसका भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।इसके अतिरिक्त, 18 अप्रैल 2026 को भी कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा पुनः पत्र जारी कर उन्हें चिकित्सा से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया, लेकिन श्री गिरी द्वारा इसका भी अनुपालन नहीं किया गया। विभागीय जांच में यह भी सामने आया कि पूर्व में भी उनकी सेवाएं अनियमितताओं के कारण समाप्त की गई थीं, जिसे बाद में अदालत के आदेश पर बहाल किया गया था।

सभी तथ्यों एवं आरोपों पर विचार करने के बाद उप विकास आयुक्त गौरव कुमार ने आदेश पारित करते हुए शशि भूषण गिरी की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। उनके अनुपस्थिति अवधि का मानदेय देय नहीं होगा।आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि श्री गिरी इस निर्णय से असंतुष्ट हैं, तो वे एक माह के भीतर गोपालगंज के जिला पदाधिकारी के समक्ष अपील कर सकते हैं।

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