चंडीगढ़ , जून 24 -- हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन के चंडीगढ़ कार्यालय में कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध एवं निवारण अधिनियम, 2013 के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षित, सम्मानजनक और लैंगिक संवेदनशील कार्य वातावरण को बढ़ावा देना था। इसमें आयोग के अधिकारी, कर्मचारी तथा आंतरिक शिकायत समिति के सदस्य शामिल हुए।

कार्यक्रम में पंजाब विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन एवं विकास विभाग की प्रोफेसर डॉ. मनविंदर कौर ने मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। उन्होंने अधिनियम से जुड़े कानूनी प्रावधानों, महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णयों और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से कर्मचारियों को विस्तृत जानकारी दी। संवादात्मक सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

डॉ. कौर ने आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका, शिकायत निवारण प्रक्रिया और कर्मचारियों के अधिकारों व जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बदलते कार्य परिवेश में वर्चुअल प्लेटफॉर्म, रिमोट वर्क और सोशल मीडिया को भी कार्यस्थल की परिधि में माना जा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि कई बार पीड़ित विभिन्न कारणों से शिकायत दर्ज कराने में संकोच करते हैं। ऐसे में संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करें और शिकायतों का समयबद्ध समाधान करें। उन्होंने शून्य-सहिष्णुता नीति तथा संस्थागत जवाबदेही के महत्व पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यस्थल पर सम्मान, समानता और संवेदनशीलता की संस्कृति को मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।

साथ ही कहा गया कि लैंगिक समानता की दिशा में सकारात्मक बदलाव व्यक्तिगत सोच और व्यवहार से ही संभव है।

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