बैतूल , सितंबर 09 -- मध्यप्रदेश के बैतूल में छह साल पुराने हत्या के मामले में विशेष न्यायालय ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) रईस खान ने रजनीकांत उर्फ रमन शर्मा (29), ऋषभ कापसे उर्फ रिशु (29) और विजेन्द्र रैकवार उर्फ गोल्डी रैकवार (32) को हत्या, अपहरण और साक्ष्य मिटाने के मामले में दोषी ठहराया।
अभियोजन के अनुसार तीनों दोषियों को धारा 302/120बी के तहत आजीवन कारावास और दो-दो हजार रुपये अर्थदंड, धारा 364/120बी के तहत 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास और एक-एक हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 के तहत तीन-तीन वर्ष का सश्रम कारावास और 500-500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक शशिकांत नागले ने पैरवी की।
मामला मार्च 2020 का है। मृतक बापूसिंह की पत्नी रंती बाई ने 11 मार्च 2020 को लावाघोघरी थाने में पति के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि बापूसिंह केसियो बजाने का काम करता था और विभिन्न कार्यक्रमों में उसे बुलाया जाता था।
अभियोजन के अनुसार 8 मार्च 2020 को सुबह करीब 10.30 बजे सफेद रंग की कार से तीन लोग उसके घर पहुंचे। उन्होंने बापूसिंह को ग्राम सर्रई में कार्यक्रम होने की जानकारी दी और केसियो बजाने के लिए साथ चलने को कहा। बापूसिंह कार्यक्रम समाप्त होने के बाद लौटने की बात कहकर उनके साथ कार में चला गया।
अगले दिन तक बापूसिंह के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसी दौरान 9 मार्च को बैतूल-परतवाड़ा मार्ग पर सड़क किनारे वन विभाग के बीट गार्ड ने एक शव पड़े होने की सूचना दी। मृतक के भाई और पुत्र ने शव की पहचान बापूसिंह के रूप में की।
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त सूत की रस्सी और आल्टो कार बरामद करने के साथ अन्य साक्ष्य जुटाए। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों के आधार पर तीनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
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