बरेली , जुलाई 25 -- कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारतीय सेना ने 24 और 25 जुलाई को उत्तर प्रदेश के बरेली में दो दिवसीय आर्टिलरी उपकरण एवं आधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी आयोजित की। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के वीर सैनिकों के साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ युवाओं को सेना की कार्यप्रणाली और आधुनिक सैन्य तकनीक से परिचित कराना रहा।
प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स, शिक्षकों, पूर्व सैनिकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। आगंतुकों ने आधुनिक तोपों, इन्फैंट्री हथियारों, एयर डिफेंस प्रणालियों, निगरानी उपकरणों, संचार प्रणालियों तथा अन्य अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों को करीब से देखा और उनके संचालन तथा उपयोग की जानकारी प्राप्त की।
भारतीय सेना के जवानों ने विभिन्न हथियार प्रणालियों और सैन्य उपकरणों के संचालन, उनकी सामरिक उपयोगिता तथा विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में सैन्य अभियानों की चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही आगंतुकों को सेना के जवानों से संवाद कर देश की सीमाओं की सुरक्षा में उनकी भूमिका को समझने का अवसर भी मिला।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्रों, एनसीसी कैडेट्स और युवाओं को भारतीय सेना की परिचालन क्षमता, तकनीकी प्रगति तथा सैनिकों के अनुशासन और पेशेवर दक्षता से अवगत कराना है। इसके माध्यम से युवाओं को साहस, अनुशासन, राष्ट्रसेवा और निस्वार्थ समर्पण की भावना से प्रेरित करने के साथ-साथ सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिवस ऑपरेशन विजय में भारत की ऐतिहासिक जीत तथा देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के सम्मान में मनाया जाता है।
बरेली में आयोजित इस प्रदर्शनी में 1,325 विद्यार्थियों, 71 शिक्षकों तथा 11 विद्यालयों ने सहभागिता की। कार्यक्रम ने युवाओं में भारतीय सेना के प्रति गर्व, सम्मान और राष्ट्रसेवा की भावना को और मजबूत किया।
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