जम्मू , सितंबर 27 -- भारतीय वायुसेना का 'कन्याकुमारी से कारगिल' तक का ऐतिहासिक साइकिल अभियान अपने तीसरे चरण के छठे दिन रविवार को जम्मू पहुंचा।
यह अभियान वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में और कारगिल युद्ध के वीर नायकों की शहादत को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
कुल तीन चरणों में आयोजित इस यात्रा का तीसरा और अंतिम चरण नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से शुरू होकर कारगिल युद्ध स्मारक तक जाना है।
रक्षा मंत्रालय (जम्मू) के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) और प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्तवाल ने आज यहां बताया कि कारगिल की ओर आगे बढ़ने से पहले साइकिल चालकों ने अपने दिन की यात्रा पठानकोट से जम्मू के लिए शुरू की। उन्होंने कहा कि रास्ते में आने वाली चुनौतियों के बावजूद यह टीम साहस, त्याग और सेवा के मूल्यों को आत्मसात करते हुए दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि यह अभियान कारगिल युद्ध के उन वीर बांकुरों की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है, जिनकी वीरता और सर्वोच्च बलिदान ने देश की संप्रभुता की रक्षा की थी। उन्होंने बताया कि साइकिल चालक कारगिल युद्ध स्मारक की ओर बढ़ते हुए सेवा, साहस और बलिदान की इस अमर विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
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