बैतूल , जुलाई 26 -- कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के बैतूल की बेटियां पिछले 26 वर्षों से कारगिल युद्ध के 527 शहीदों के सम्मान में रक्षाबंधन पर राखियां भेजने की परंपरा निभा रही हैं। बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति के 'राष्ट्र रक्षा मिशन' के तहत इस वर्ष भी कारगिल विजय स्मारक, द्रास सेक्टर तथा वहां तैनात मद्रास रेजीमेंट के जवानों के लिए राखियां डाक के माध्यम से भेजी जा रही हैं।
समिति की अध्यक्ष गौरी बालापुरे पदम ने बताया कि वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध के बाद शुरू हुआ यह अभियान निरंतर जारी है। इसका उद्देश्य देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करना है। उन्होंने कहा कि बैतूल की बेटियों ने रक्षाबंधन के पर्व को राष्ट्र रक्षा के संकल्प से जोड़ते हुए सैनिकों के नाम समर्पित कर दिया है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में राष्ट्र रक्षा मिशन का 17 सदस्यीय दल कारगिल और द्रास पहुंचा था। दल ने कारगिल विजय स्मारक पर परमवीर चक्र और महावीर चक्र से सम्मानित वीर सैनिकों की प्रतिमाओं सहित कारगिल युद्ध में शहीद हुए सभी 527 जवानों के स्मारकों पर तिरंगा राखियां अर्पित की थीं। इस दौरान कैप्टन विक्रम बत्रा, ग्रेनेडियर योगेंद्र सिंह यादव, राइफलमैन संजय कुमार, लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडेय, मेजर विवेक गुप्ता, मेजर पद्मपाणि आचार्य सहित अन्य वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई थी।
श्रीमती पदम ने कहा कि कारगिल के शहीदों और बैतूल की बेटियों के बीच कच्चे धागों का यह रिश्ता अब अटूट बंधन बन चुका है। समिति प्रत्येक वर्ष पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ 527 शहीदों के नाम राखियां भेजती है और यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार को बैतूल स्थित शहीद भवन विजय स्मारक पर पुष्पांजलि कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें समिति के सदस्य और नागरिक वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। समिति के अनुसार राष्ट्र रक्षा मिशन का उद्देश्य नई पीढ़ी में देशभक्ति, सैनिकों के प्रति सम्मान और राष्ट्रीय एकता की भावना को सुदृढ़ करना है।
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