दुर्ग , सितंबर 23 -- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अंजोरा स्थित दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनु विश्वविद्यालय में विभिन्न पदों पर भर्ती को लेकर कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बीच कृषि विकास, किसान कल्याण और पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।
मंत्री की नोटशीट में शिकायतों की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने के साथ जांच पूरी होने तक समस्त आगामी भर्ती प्रक्रिया स्थगित रखने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच भर्ती विज्ञापन के आधार पर विश्वविद्यालय में प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की बात सामने आने के बाद मामले को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बुधवार को प्राप्त जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय से संबंधित शिकायतों में वेतन संरक्षण, स्थानीय शिक्षकों की पदोन्नति, आरक्षण एवं रोस्टर निर्धारण, पूर्व निर्धारित रोस्टर में बदलाव, बैकलॉग पदों पर भर्ती, नियमों के विपरीत दीर्घकालीन स्थापना, विज्ञापित पदों पर भर्ती और विभागवार पदों के निर्धारण जैसे विषय शामिल हैं।
इसके साथ ही कार्यकारिणी परिषद के सदस्यों का अनुमोदन नहीं लेने तथा स्वीकृत सेटअप से अधिक पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी करने संबंधी शिकायतें भी की गई हैं। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर मंत्री ने उच्चस्तरीय जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री की नोटशीट में कहा गया है कि शिकायतों की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाए और जांच पूरी होने तक समस्त आगामी भर्ती प्रक्रिया स्थगित रखी जाए। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस मामले को पूर्व में दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने भी राज्यपाल के समक्ष उठाया है। उन्होंने 19 अगस्त 2026 को राज्यपाल को पत्र भेजकर कामधेनु विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर शिकायत की थी।
विधायक के पत्र के अनुसार विश्वविद्यालय में चल रही भर्ती प्रक्रिया को लेकर उनके विधानसभा क्षेत्र के युवाओं और अन्य लोगों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने राज्यपाल से भर्ती प्रक्रिया को राज्य लोक सेवा आयोग या किसी अन्य प्रदेश स्तरीय एजेंसी के माध्यम से कराने का प्रस्ताव स्वीकार करने और विश्वविद्यालय को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित करने का अनुरोध किया है।
इस तरह विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक ओर उच्चस्तरीय जांच के निर्देश और जांच पूरी होने तक आगामी भर्ती प्रक्रिया स्थगित रखने के निर्देश हैं, वहीं दूसरी ओर विधायक ने भी राज्यपाल के समक्ष भर्ती की निष्पक्षता और पारदर्शिता का मुद्दा उठाया है।
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