औरंगाबाद , अक्टूबर 29 -- बिहार के औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड के कामता सेवा केंद्र में गुरुवार को केंद्र के 51 वें स्थापना दिवस सह वार्षिक समारोह का प्रख्यात लेखक - पत्रकार रंजन कुमार सिंह के संयोजकत्व में आयोजन किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि भारतीय प्रबंधन संस्थान (आइआइएम), बोधगया की निदेशक डॉ. विनीता एस. सहाय ने कहा कि देश में लड़कियों के लिए आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। सरकार विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आरक्षण सहित कई प्रावधान कर रही है। उन्होंने लड़कियों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए कहा कि पढ़ाई जीवन बदलने का माध्यम है। शिक्षा के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती हैं और अपने सपनों को साकार कर सकती हैं।

डॉ. सहाय ने खुश रहने को जीवन का महत्वपूर्ण अधिकार बताते हुए कहा कि प्रसन्नता और सकारात्मक सोच के साथ जीवन जीना जरूरी है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा के अवसरों का लाभ उठाकर अपने भविष्य को बेहतर बनाने का संदेश दिया।

तीसरी सरकार अभियान के संस्थापक डॉ. चंद्रशेखर प्राण ने 'ग्राम स्वराज एवं आत्मनिर्भर भारत' विषय पर विस्तार से अपने विचार रखे। उन्होंने महात्मा गांधी के 12 बुनियादी सिद्धांतों की चर्चा करते हुए कहा कि भारत के गांवों और ग्रामीण समाज को पुनर्जागृत करने की जरूरत है। इसके लिए गांवों की व्यवस्था का पुनर्गठन करना होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वशासन, सहभागिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके।उन्होंने कहा कि गांवों का विकास और ग्रामीण व्यवस्था को मजबूत बनाना देश की प्रगति के लिए आवश्यक है। जीवन में खुश रहना भी एक बड़ी उपलब्धि है। समारोह में शिक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक चेतना से जुड़े विचारों के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने का संदेश दिया गया।

समारोह को दिल्ली सरकार की सचिव डॉ. रश्मि सिंह ने भी संबोधित किया ।

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