कानपुर नगर , जून 24 -- जाम की समस्या से कराहते कानपुर में आईआईटी से रामादेवी तक राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे चिन्हित 2500 से अधिक अतिक्रमणों के विरुद्ध कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।
जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई 13 अप्रैल 2026 को उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की जाएगी। इसके तहत राजमार्ग किनारे किए गए अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को नियमानुसार हटाया जाएगा।
सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, अतिक्रमण हटाने और प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने बताया कि आईआईटी से रामादेवी तक राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर लगभग 2500 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं। कई स्थानों पर स्थायी निर्माण कर दुकानें संचालित की जा रही हैं, जबकि कुछ मामलों में अतिक्रमित भूमि पर निर्माण कर उसे किराए पर भी दिया जा रहा है।
उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन के लिए जनपद स्तर पर हाईवे टास्क फोर्स का गठन किया गया है। यह टीम राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए जिम्मेदार होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ चिन्हित अतिक्रमणों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि अतिक्रमणकर्ताओं को विधिक प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए जाएं और कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन अतिक्रमित स्थलों पर स्थायी निर्माण कर विद्युत कनेक्शन लिए गए हैं, उनकी सूची तैयार कर केस्को को उपलब्ध कराई जाए ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जिलाधिकारी ने हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स को विशेष अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख मार्गों को हर हाल में अतिक्रमणमुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक है।
बैठक में नौबस्ता-हमीरपुर मार्ग पर रात्रिकालीन विशेष प्रवर्तन अभियान चलाने का भी निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जाए और ओवरलोड वाहनों पर भी कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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