कानपुर , जुलाई 18 -- साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से साइबर मुख्यालय के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत कानपुर पुलिस ने म्यूल (फर्जी अथवा किराये के) बैंक खातों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कमिश्नरेट के विभिन्न थाना क्षेत्रों से 35 म्यूल अकाउंट धारकों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में इन बैंक खातों के माध्यम से लगभग 30 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का पता चला है। साथ ही, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज 100 से अधिक साइबर शिकायतों का संबंध भी इन्हीं खातों से सामने आया है।

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें कमीशन का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए गए थे। इन खातों का वास्तविक संचालन अन्य व्यक्तियों द्वारा किया जाता था और इनके माध्यम से साइबर अपराध से अर्जित धन का लेन-देन किया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि अधिकांश संदिग्ध लेन-देन ऑनलाइन बेटिंग, गेमिंग ऐप्स और निवेश के नाम पर की जाने वाली साइबर ठगी से जुड़े हुए हैं। पुलिस इन मामलों की गहन जांच कर रही है।

साइबर पुलिस अब इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड, खातों का संचालन करने वाले अन्य व्यक्तियों तथा पूरे गिरोह की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्य मिलने पर उनके विरुद्ध भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि साइबर अपराधों में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी व्यक्ति के कहने पर कमीशन या अन्य लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक अथवा मोबाइल सिम किसी अन्य को उपलब्ध न कराएं, क्योंकि ऐसा करना गंभीर कानूनी अपराध है और साइबर अपराध में संलिप्तता का आधार बन सकता है।

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