कानपुर , जुलाई 24 -- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के साइबर सुरक्षा प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र (सी3आईहब) ने भारतीय सेना की सेंट्रल कमांड के अधिकारियों एवं कर्मियों के लिए आयोजित छह माह के साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे बैच का सफलतापूर्वक समापन कर दिया। इस बैच में 70 सैन्यकर्मियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसके साथ ही दोनों बैचों में प्रशिक्षित सैन्यकर्मियों की कुल संख्या 140 हो गई है।
आईआईटी कानपुर द्वारा शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर लखनऊ स्थित सेंट्रल कमांड मुख्यालय में आयोजित समारोह में 70 सैन्यकर्मियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
संस्थान ने बताया कि सी3आईहब द्वारा संचालित छह माह का हाइब्रिड साइबर सुरक्षा प्रमाणन कार्यक्रम रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा क्षेत्रों के लिए कुशल और उद्योगोन्मुख साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ तैयार करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। कार्यक्रम में शैक्षणिक अध्ययन के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया है, जिससे प्रतिभागी साइबर सुरक्षा की बुनियादी समझ विकसित करने के साथ उन्नत साइबर रक्षा कौशल भी अर्जित कर सकें।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में संचालित किया गया। पहले चरण में तीन माह का बेसिक मॉड्यूल और दूसरे चरण में तीन माह का एडवांस्ड मॉड्यूल शामिल था। प्रत्येक चरण में 24 ऑफलाइन सत्र (प्रत्येक तीन घंटे) और 12 ऑनलाइन सत्र (प्रत्येक दो घंटे) आयोजित किए गए, जिससे प्रत्येक मॉड्यूल में कुल 96 घंटे का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। बेसिक मॉड्यूल में अधिकतम 45 प्रतिभागियों को शामिल किया गया, जबकि एडवांस्ड मॉड्यूल के लिए केवल बेसिक मॉड्यूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकतम 30 प्रतिभागियों का चयन किया गया।
बेसिक मॉड्यूल में लिनक्स सिस्टम एवं नेटवर्किंग, साइबर थ्रेट इंटेलिजेंस, ऑपरेटिंग सिस्टम सुरक्षा, सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (एसओसी) की कार्यप्रणाली तथा साइबर घटनाओं के प्रबंधन जैसे विषय शामिल थे। इसके अलावा प्रतिभागियों को बर्प सूट, वायरशार्क, एनमैप, नेसस और स्प्लंक जैसे साइबर सुरक्षा उपकरणों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
एडवांस्ड मॉड्यूल में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सुरक्षा विश्लेषण, सुरक्षा कार्यों के स्वचालन के लिए एआई एजेंट, नियम आधारित लॉग प्रबंधन, पावर बीआई आधारित लॉग विश्लेषण, बिग डेटा टेलीमेट्री, मैलवेयर विश्लेषण, डिजिटल एवं नेटवर्क फॉरेंसिक तथा वल्नरेबिलिटी असेसमेंट एंड पेनिट्रेशन टेस्टिंग (वीएपीटी) जैसे उन्नत विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।
संस्थान के अनुसार दोनों मॉड्यूल के अंत में प्रतिभागियों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक मूल्यांकन किया गया। सफल प्रतिभागियों को सी3आईहब, आईआईटी कानपुर की ओर से औपचारिक प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
आईआईटी कानपुर ने कहा कि दो बैचों में 140 सैन्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाना सी3आईहब और भारतीय सेना की सेंट्रल कमांड के बीच बढ़ते सहयोग का प्रमाण है। संस्थान के अनुसार यह पहल संरचित एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से देश की साइबर रक्षा क्षमताओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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