उदयपुर , अगस्त 06 -- राजस्थान में उदयपुर में काकोरी क्रांति के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्यमें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर काकोरी क्रांति गाथा नाट्य का मंचन किया जाएगा।

प्रताप गौरव केन्द्र 'राष्ट्रीय तीर्थ' और सभ्यता अध्ययन केन्द्र नयी दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में होने वाला यह मंचन 14 अगस्त शाम पांच बजे रवीन्द्र नाथ टैगोर आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के नवीन सभागार में होगा।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने गुरुवार को यहां बताया कि काकोरी क्रांति ने अंग्रेज सरकार को हिलाकर रख दिया था। यही वजह रही कि अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, चंद्रशेखर आजाद, राजेंद्र लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह जैसे भारतमाता के वीर सपूत क्रांतिकारियों में से पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और ठाकुर रोशन सिंह को 19 दिसंबर 1927 को फांसी दे दी गयी जिसे इन वीर सपूतों ने हंसते-हंसते गले लगाया। काकोरी क्रांति ने देश भर में युवा क्रांतिकारियोंमें नयी ऊर्जा का संचार किया और स्वाधीनता आंदोलन को गति मिली।

इसी क्रांति गाथा की स्मृतियों को नयी पीढ़ी में संचरित करने के लिए 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह नाट्य मंचन किया जा रहा है।

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