हरिद्वार , मई, 29 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में आगामी कांवड़ मेले को सुरक्षित एवं सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को निर्देश दिए हैं कि उनके अधीन आने वाली सभी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त किया जाए। साथ ही सड़क किनारे हुए अतिक्रमण को तत्काल हटाने तथा सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शुक्रवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना न्यूनीकरण अनुश्रवण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाए। उन्होंने तेज रफ्तार, शराब पीकर वाहन चलाने, ओवरलोडिंग करने तथा बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
डीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग हरिद्वार-रुड़की, हरिद्वार-नजीबाबाद मार्ग समेत लोनिवि के अधीन सड़कों पर गड्ढों की मरम्मत और पेचवर्क का कार्य कांवड़ मेले से पहले पूरा करने को कहा। उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक साइन बोर्ड लगाने और ब्लैक स्पॉट्स का निरीक्षण कर उनके सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग और पुलिस विभाग को उन क्षेत्रों में नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए, जहां दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है या यातायात का दबाव ज्यादा होता है। उन्होंने एनएचएआई और लोनिवि के अधिकारियों को सड़कों पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को तत्काल हटाने और अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई करने को कहा।
बैठक के दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रुड़की कृष्ण चंद्र पलारिया ने बताया कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए परिवहन एवं पुलिस विभाग द्वारा लगातार प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। जनवरी से अप्रैल 2026 तक परिवहन विभाग ने बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 3,667, ओवरलोडिंग पर 301, ओवरस्पीड पर 2,012, मोबाइल फोन का प्रयोग करने पर 99, सीट बेल्ट न लगाने पर 352 तथा मालवाहक वाहनों में यात्रियों को बैठाने पर 87 चालान किए हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित