हरिद्वार , जुलाई, 25 -- कांवड़ महायात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए उत्तराखंड पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। पुलिस लाइन रोशनाबाद स्थित बहुउद्देशीय भवन में शनिवार को एडीजी अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन की अध्यक्षता में कांवड़ मेले में नियुक्त पुलिस, प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। इस दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कांवड़ मेले की सुरक्षा प्रत्येक पुलिसकर्मी की सर्वोच्च जिम्मेदारी होगी और सभी को पूरी सतर्कता, अनुशासन एवं समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
ब्रीफिंग में निर्देशक यातायात के.के.वी.के., आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, आईजी एसटीएफ निलेश भरणे, आईजी संचार विम्मी सचदेवा, गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा एसएसपी नवनीत सिंह सहित गढ़वाल व कुमाऊं रेंज से पहुंचे पुलिस बल, पीएसी, आईआरबी, होमगार्ड, पीआरडी, वन विभाग, प्रशासनिक अधिकारी एवं केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल के जवान मौजूद रहे।
कांवड़ मेले के लिए पूरे क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सुपर जोन की जिम्मेदारी एएसपी स्तर के अधिकारियों, जोन की जिम्मेदारी सीओ एवं निरीक्षकों तथा सेक्टर की जिम्मेदारी थाना प्रभारियों और वरिष्ठ उपनिरीक्षकों को सौंपी गई है। इसके अलावा बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की विशेष टीमें चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगी।
मेले की सुरक्षा में 6 हजार से अधिक पुलिस एवं सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे, जिनमें 13 कंपनी केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल भी शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए 10 ड्रोन कैमरों के साथ सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए पूरे मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी की जाएगी। एसपी सिटी को कांवड़ मेले का नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र की जिम्मेदारी एसपी देहात संभालेंगे। यातायात व्यवस्था और डायवर्जन प्लान की कमान एसपी क्राइम/ट्रैफिक निशा यादव को सौंपी गई है।
एडीजी वी. मुरुगेशन ने पुलिस बल को संबोधित करते हुए कहा कि कांवड़ मेला प्रदेश की प्रतिष्ठा से जुड़ा आयोजन है और प्रत्येक जवान को इसे चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने अफवाहों पर तत्काल नियंत्रण, किसी भी दुर्घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों तक तुरंत पहुंचाने तथा भीड़ प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए।
आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने पुलिसकर्मियों को असामाजिक तत्वों, धार्मिक भावनाएं भड़काने की कोशिशों, डीजे पर आपत्तिजनक गीतों और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ बेहतर समन्वय और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया।
आईजी एसटीएफ निलेश भरणे ने पार्किंग व्यवस्था को सख्ती से लागू करने, सड़क किनारे वाहन खड़े न होने देने तथा हरकी पैड़ी सहित सभी संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए। वहीं गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने पुलिसकर्मियों से श्रद्धालुओं के प्रति विनम्र व्यवहार बनाए रखते हुए किसी भी छोटी घटना को समय रहते नियंत्रित करने का आह्वान किया।
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