लुधियाना , अगस्त 30 -- पंजाब कांग्रेस 31 अगस्त को लुधियाना में 'विमुक्त दिवस' मनाकर विमुक्त जनजातियों (डीएनटी) की लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाएगी। कार्यक्रम राहों रोड स्थित गांव मेहरबान के रॉयल कैसल रिसॉर्ट्स में आयोजित किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस पार्टी द्वारा रविवार को यहां जारी बयान के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य डीएनटी समुदायों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग करना है। पार्टी ने कहा कि आपराधिक जनजाति अधिनियम, 1871 के तहत कई समुदायों को अन्यायपूर्ण तरीके से 'आपराधिक जनजाति' घोषित कर भेदभाव और निगरानी का सामना करना पड़ा था। इस कानून को 31 अगस्त 1952 को समाप्त कर इन समुदायों को आधिकारिक रूप से विमुक्त किया गया था। इसी ऐतिहासिक घटनाक्रम की स्मृति में 'विमुक्त दिवस' मनाया जाता है।
कांग्रेस के अनुसार विमुक्त किये जाने के दशकों बाद भी कई डीएनटी समुदाय शिक्षा, रोजगार, आवास, सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक अवसर और प्रभावी राजनीतिक प्रतिनिधित्व जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। पार्टी इस अवसर पर इन समस्याओं को उठाते हुए इनके समाधान के लिए ठोस कदमों की मांग करेगी।
कार्यक्रम में रेंके आयोग और इदाते आयोग की सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू करने, डीएनटी समुदायों की उचित पहचान एवं जनगणना, शिक्षा और रोजगार में समान अवसर, सामाजिक सुरक्षा, आवास, आर्थिक सशक्तिकरण तथा राजनीतिक और संवैधानिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग उठाई जाएगी।
पंजाब में सांसी, बाजीगर, बावारिया, गवारिया, सिकलीगर, सिरकीबंद, भील, बंजारा, लबाना, गुर्जर, सपेरा, कालबेलिया, जोगी, नाथ, ओढ़, मदारी, मेरासी, सिंगीवाला, ढेह और कंजर समेत कई समुदाय डीएनटी, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों से जुड़े हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न डीएनटी समुदायों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे। वरिष्ठ नेताओं में के. राजू, गुरदीप सिंह सप्पल, राजेंद्र पाल गौतम, भूपेश बघेल, रविंदर दलवी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, चरणजीत सिंह चन्नी, प्रताप सिंह बाजवा, डॉ. अमर सिंह, राज कुमार वेरका, संगत सिंह गिलजियां, सुखविंदर सिंह डैनी और साधु सिंह धर्मसोत समेत अन्य प्रदेश कांग्रेस नेता एवं पदाधिकारी शामिल होंगे।
कांग्रेस ने कहा कि 'विमुक्त दिवस' डीएनटी समुदायों के अधिकारों, समस्याओं और आकांक्षाओं पर व्यापक चर्चा का मंच बनेगा तथा पार्टी समानता, सम्मान, सामाजिक न्याय और इन समुदायों के सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित