चेन्नई , जुलाई 28 -- मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के कथित मामलों में विरुधुनगर से कांग्रेस सांसद बी. माणिकम टैगोर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तमिलनाडु इकाई के नेता नैनार नागेंद्रन के खिलाफ दर्ज अलग-अलग मामलों को रद्द कर दिया।
संसदीय चुनावों के दौरान, श्री टैगोर ने विरुधुनगर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और लोकसभा के लिए चुने गये थे। इस सीट पर 19 अप्रैल को मतदान हुआ था। विरुधुनगर वेस्ट पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आधिकारिक चुनाव प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद भी उन्होंने 18 अप्रैल को फेसबुक पर चुनाव प्रचार जारी रखा था।
मामले को रद्द करने की मांग को लेकर श्री टैगोर ने मद्रास उच्च न्यायालय का रुख किया और तर्क दिया कि भारतीय न्याय संहिता (आईपीसी) की धारा 188 के तहत ऐसे मामले केवल किसी लोक सेवक द्वारा दर्ज करायी गयी लिखित शिकायत के आधार पर ही दर्ज किये जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उनके मामले में इस अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था।
याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति जी.के. इलानथिरैयन ने दलीलों को स्वीकार कर लिया और श्री टैगोर के खिलाफ दर्ज मामले को निरस्त कर दिया।
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