पटना , जुलाई 16 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस सांसद जावेद अहमद की संस्कृत भाषा के विरुद्ध की गई टिप्पणी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, आपत्तिजनक और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं को आहत करने वाली है।
श्री पटेल ने कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा, संस्कृति और सभ्यता की आधारशिला है। यह दुनिया की सबसे प्राचीन जीवित भाषाओं में से एक मानी जाती है। भारत के दर्शन, वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, योग, गणित, खगोलशास्त्र, व्याकरण, साहित्य और आध्यात्मिक परंपरा का विशाल ज्ञान संस्कृत में सुरक्षित है, ऐसी भाषा के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करना भारत की सांस्कृतिक विरासत और जनभावनाओं का अनादर है।
भाजपा के प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद का अधिकार है, लेकिन किसी भाषा या सांस्कृतिक धरोहर के प्रति अपमान स्वीकार्य नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह अपने सांसद के इस बयान से सहमत है। यदि नहीं, तो उसे तत्काल सार्वजनिक रूप से इस बयान से दूरी बनानी चाहिए और संबंधित सांसद के विरुद्ध उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई करें।
श्री पटेल ने कहा कि संस्कृत किसी एक दल, वर्ग या समुदाय की नहीं, बल्कि पूरे भारत की साझा धरोहर है। इसकी गरिमा पर आघात देश की आत्मा पर आघात के समान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को तुष्टिकरण की राजनीति छोड़कर देश की सांस्कृतिक अस्मिता का सम्मान करे और अपने सांसद के गैर-जिम्मेदाराना बयान पर तत्काल कार्रवाई करे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित