जयपुर , मई 15 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस नेताओं को भाजपा सरकार पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल को याद करना चाहिए, जब राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था का पूरी तरह मजाक बना दिया गया था।
श्री राठौड़ ने शुक्रवार को अपने बयान में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया और सरकार मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने कहा कि जिनके स्वयं के घर कांच के होते हैं, वे दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकते। कांग्रेस शासन में 17 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुईं लेकिन तत्कालीन सरकार ने न तो निष्पक्ष जांच कराई और न ही दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि एसआई भर्ती परीक्षा भी कांग्रेस शासनकाल में हुई थी, लेकिन उस समय पेपर लीक तक स्वीकार नहीं किया गया और परीक्षार्थियों को नियुक्तियां तक दे दी गईं। जबकि वर्तमान में एनटीए ने परीक्षा में अनियमितता की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए परीक्षा रद्द कर दी और नई परीक्षा तिथि भी घोषित कर दी।
उन्होंने कहा कि भजनलाल सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। हालिया मामला केरल से जुड़ा था, जिसके बाद इसे देशभर में वायरल किया गया। मामले की सीबीआई जांच चल रही है और केंद्र सरकार ने तुरंत कार्रवाई की है।
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