रायपुर , अक्टूबर 24 -- छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों से ध्यान भटकाने के लिए निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रणाली पर बेबुनियाद सवाल उठा रहा है। पाण्डेय शनिवार को रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।

पाण्डेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने का पुराना इतिहास रहा है। उन्होंने 1952 के चुनाव में डॉ. भीमराव अम्बेडकर के खिलाफ कथित राजनीतिक साजिश, 1957 में बिहार के बेगूसराय में बूथ पर कब्जे की घटना और 1967 में जम्मू-कश्मीर में चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवादों का उल्लेख किया। उन्होंने 1975 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले और 1987 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव का भी हवाला देते हुए कांग्रेस की चुनावी भूमिका पर सवाल उठाए।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस का जनाधार घटा है और इसी कारण वह वोट चोरी तथा ईवीएम जैसे मुद्दों को उठाकर चुनावी हार की आशंका से जुड़ा नैरेटिव तैयार कर रही है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 1952 में कांग्रेस का वोट प्रतिशत करीब 45 था, जो 2024 के लोकसभा चुनाव में घटकर 21.4 प्रतिशत रह गया। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा अमेरिका में निर्वाचन आयोग को लेकर दिए गए बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग लोकतंत्र और जनादेश की रक्षा करने वाली संवैधानिक संस्था है।

पाण्डेय ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने पिछले सात दशकों में 400 से अधिक विधानसभा चुनाव और 20 आम चुनाव संपन्न कराए हैं। उन्होंने चुनाव सुधारों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था का आवश्यक हिस्सा है।

उन्होंने केरल के कांग्रेस नेताओं के बयानों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पूर्व गृह मंत्री रमेश चेन्निथला, विधायक मैथ्यू कुझलनादन और सांसद शशि थरूर ने विभिन्न अवसरों पर एसआईआर प्रक्रिया का समर्थन किया है। पाण्डेय ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया स्वतंत्रता के बाद कई बार अपनाई गई है और इनमें से अधिकांश अवसरों पर केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।

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