जयपुर , अक्टूबर 07 -- राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा है कि कांग्रेस भले ही तस्वीर में एकजुट नजर आ रही हो, लेकिन उसके भीतर मतभेद अभी भी मौजूद हैं।

श्री राठौड़ ने बुधवार को कांग्रेस की बैठक के बाद उनके नेताओं के एक साथ मीडिया से रुबरु होने पर यह तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं के बीच एक-दूसरे को पीछे छोड़ने और अपनी राजनीतिक हैसियत दिखाने की होड़ बनी हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तो मठाधीश बने रहना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी एकता तो फोटो फ्रेम के लिए ही है, लेकिन मन में तो भरपूर मतभेद भरा हुआ है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि जहां तक पंचायत चुनाव परिणामों की बात है तो निकाय चुनाव से भी ज्यादा बुरी हार कांग्रेस की होगी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता यदि वास्तव में एकजुट हैं तो उन्हें बार-बार इसका संदेश देने की जरूरत क्यों पड़ रही है। कांग्रेस के भीतर वैमनस्य और आपसी खींचतान की स्थिति है और पंचायत चुनाव के दौरान यह फिर सामने आ सकती है। कांग्रेस केवल एकजुटता का स्वांग कर रही है। श्री राठौड़ ने कहा कि श्री गहलोत आज भी खुद को कांग्रेस का स्थायी प्रभारी या 'मठाधीश' मानकर चल रहे हैं। किसी वरिष्ठ नेता को इस तरह अपनी भूमिका को सबसे ऊपर रखने के बजाय संगठन में दूसरे नेताओं को भी जगह देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस नेता एकजुटता की बात कर रहे हैं वहीं उनके बयानों में ही पुराने राजनीतिक मतभेदों की झलक दिखायी देती है। कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और राजनीतिक प्रभाव को लेकर खींचतान लंबे समय से चर्चा में रही है। मंच पर नेताओं का साथ बैठना अलग बात है और जमीनी स्तर पर उनके समर्थकों तथा संगठन के बीच तालमेल होना अलग बात है। पंचायत चुनाव में जनता के सामने कांग्रेस की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। जिस तरह से निकाय चुनाव में जनता ने नकारा उसी तरह से पंचायत चुनाव में भी कांग्रेस की हार होने वाली है।

श्री राठौड़ ने दावा किया कि पिछले ढाई साल में जिस तरह से जनता के लिए भजन लाल सरकार ने काम किया उस पर जनता भरोसा जतायेगी और निकाय चुनाव से भी बुरी हार कांग्रेस की होने वाली है।

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