दाखा (लुधियाना) , जनवरी 30 -- पंजाब प्रदेश कांग्रेस ने शुक्रवार को यहां दाखा के पास आयोजित विशाल 'मनरेगा बचाओ' मेगा-रैली के साथ राज्य में 2027 के चुनावी मुकाबले के लिए चुनावी बिगुल फूंक दिया है।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल सहित सभी वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने रैली को संबोधित किया। उन्होने केंद्र सरकार पर गरीबों की आजीविका छीनने की कोशिश करने के लिए हमला बोला, वहीं उन्होंने पंजाब में आप सरकार की स्थानीय स्तर पर सुधारात्मक उपाय करने में विफल रहने के लिए भी निंदा की। वक्ताओं ने राज्य में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर भी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूरी तरह से अराजकता है क्योंकि गैंगस्टर राज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस गैंगस्टरों के साथ मिलीभगत से काम कर रही है।

रैली को संबोधित करते हुए श्री बघेल ने वादा किया कि कांग्रेस 2027 में पंजाब में सरकार बनाएगी और मजदूरों के अधिकार और आजीविका बहाल की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झुकने पर मजबूर करेगी और उन्हें उसी तरह मनरेगा बहाल करने के लिए मजबूर किया जाएगा, जैसे उन्हें तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होने कहा कि एक बार जब केंद्र में कांग्रेस सरकार बन जाएगी और राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन जाएंगे, तो मनरेगा आखिरकार बहाल हो जाएगा।

इस अवसर पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार गरीबों की आजीविका छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बताया कि कैसे डॉ. मनमोहन सिंह सरकार ने गरीबों और हाशिए पर पड़े लोगों को आजीविका प्रदान करने के लिए कानून लाया था। उन्होंने इस मुद्दे पर सिर्फ़ दिखावा करने के लिए पंजाब में आप सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार मनरेगा को लागू करने में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि 12 प्रतिशत लोगों को भी मनरेगा में अनिवार्य काम की ज़रूरी संख्या नहीं दी गई है। उन्होने कहा कि पंजाब सरकार ने महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये देने के झूठे वादे से धोखा दिया है।

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यह जवानों और किसानों दोनों के अधिकारों को कमज़ोर कर रही है। उन्होंने कहा कि जहां रक्षा सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हुई है, वहीं किसानों पर काले कानून थोपे गए हैं और अब मनरेगा मजदूरों को उनकी आजीविका से वंचित किया जा रहा है।

बाजवा ने यह भी मांग की कि सरकार किसानों का कर्ज माफ करे। राज्य सरकार की विफलता की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि जब केंद्र को 90 प्रतिशत खर्च देना था और राज्य को सिर्फ दस प्रतिशत, तब भी यह सरकार इतनी कम रकम भी नहीं दे पाई। मनरेगा पर 'विशेष सत्र' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आप सरकार ने ऐसे कई सत्र आयोजित किए हैं और नतीजा शून्य रहा है।

पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के लिए आप सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भगवंत मान सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने पंजाब पुलिस पर गैंगस्टरों के साथ मिलीभगत का भी आरोप लगाया। पंजाब विधानसभा के पूर्व स्पीकर राणा केपी सिंह ने मनरेगा को बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार ने गरीबों और दलितों से काम करने का अधिकार छीन लिया है, जिसे हर कीमत पर बहाल किया जाना चाहिए।

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