बड़वानी , मार्च 02 -- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस आदिवासियों के वोट तो लेती रही, लेकिन न तो भगोरिया को राष्ट्रीय पर्व घोषित किया और न ही आदिवासी अंचल में सिंचाई के रकबे के विस्तार के लिए ठोस कार्य किए।
आज बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में प्रदेश की प्रथम कृषि केबिनेट आयोजित होने के बाद पत्रकार वार्ता में डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस केवल वोट की राजनीति करती रही, जबकि राज्य सरकार समग्र समाज और सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने होली के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने सरदार सरोवर बांध समेत नर्मदा अंचल की कई सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिससे पलायन प्रभावित क्षेत्र अब हरा-भरा हुआ है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी क्षेत्र की उन्नति का श्रेय दिया।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है और प्रदेश के विभिन्न अंचलों में कृषि कैबिनेट आयोजित कर किसानों के हित में नीतियां तैयार की जाएंगी। नागलवाड़ी के भिलट देव परिसर में आयोजित कृषि कैबिनेट में किसानों से जुड़े छह विभागों की 16 योजनाओं के लिए 27 हजार 746 करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए।
मुख्यमंत्री के अनुसार कृषि कल्याण विभाग के लिए 3502.48 करोड़, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण के लिए 4263.94 करोड़, पशुपालन एवं डेयरी के लिए 9508 करोड़, मछुआ कल्याण के लिए 218.5 करोड़, सहकारिता के लिए 8186 करोड़ तथा नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण से जुड़े कार्यों के लिए 2067.97 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि बड़वानी जिले की पाटी माइक्रो उद्वहन परियोजना से 7986 किसानों को 5940 हेक्टेयर क्षेत्र में लाभ मिलेगा। खेतिया में आदर्श कृषि उपज मंडी बनाई जाएगी तथा 25 किसानों को प्राकृतिक खेती का मास्टर ट्रेनर बनाया जा रहा है। अच्छे बीज उत्पादन के लिए कृषि विज्ञान केंद्र बजट्टा को विकसित किया जाएगा।
डॉ. यादव ने कहा कि एकीकृत मत्स्योत्पादक नीति 2026 के तहत एक्वा, इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने वरला और पानसेमल की सिंचाई परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि वरला उद्वहन माइक्रो सिंचाई परियोजना पर 861 करोड़ रुपये तथा पानसेमल परियोजना पर 1208 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे, जिससे हजारों हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होगा।
उन्होंने कहा कि जिले में केला, मिर्च, आम एवं सब्जियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है, इसलिए फूड प्रोसेसिंग उद्योग की संभावनाएं हैं। इसके लिए क्लस्टर विकास, कोल्ड स्टोरेज, ग्रेडिंग, पैकिंग और भंडारण क्षमता बढ़ाने के कार्य किए जाएंगे तथा आधुनिक सब्जी मंडी स्थापित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने भिलट देव क्षेत्र में विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया और इसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा निर्मित व्याख्यान केंद्र का भी लोकार्पण किया।
वहीं क्षेत्रीय विधायक एवं कांग्रेस नेता बाला बच्चन ने कृषि कैबिनेट को प्रचार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें आधिकारिक सूचना नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में मक्का और कपास का उत्पादन अधिक होने के बावजूद किसानों को समय पर खाद और बीज नहीं मिलते। साथ ही फसल बीमा प्रीमियम और केंद्र से मिलने वाली राशि को लेकर भी सवाल उठाए।
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