भोपाल , अक्टूबर 24 -- मध्यप्रदेश कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर तीखा हमला करते हुए राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि सरकार हर महीने हजारों करोड़ का कर्ज लेने के बावजूद किसानों और महिलाओं की योजनाओं में धनराशि जारी नहीं कर पा रही है, जिससे प्रदेश वित्तीय अराजकता के दौर में पहुंच गया है।

कांग्रेस की ओर से जारी खुले पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री पर जनता का विश्वास अब डगमगाने लगा है। पत्र में उल्लेख है कि भावांतर भुगतान योजना के लिए सरकार ने मंडी बोर्ड से Rs.1500 करोड़ की मांग की, जबकि कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना ने स्वयं माना कि मंडी बोर्ड के पास इतनी आय नहीं है। इसके बाद किसानों पर ही मंडी शुल्क बढ़ाकर बोझ डालने का सुझाव दिया गया, जिससे सरकार की नीयत पर सवाल उठते हैं।

पत्र में यह भी कहा गया कि जुलाई 2023 से सितंबर 2025 तक राज्य सरकार ने Rs.1.12 लाख करोड़ रुपए का नया कर्ज लिया है, यानी औसतन हर माह Rs.5,000 से Rs.5,500 करोड़ रुपए का ऋण। इसके बावजूद यदि योजनाओं में धन की कमी है, तो यह सरकार की वित्तीय अव्यवस्था का प्रमाण है।

कांग्रेस ने कहा कि मुख्यमंत्री ने भाईदूज पर लाड़ली बहनों के खाते में Rs.250 डालने की घोषणा की थी, लेकिन वित्त विभाग की मंजूरी न मिलने और बजट संकट के कारण यह राशि अब तक नहीं भेजी गई। श्री पटवारी ने सवाल किया कि क्या यही महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का सरकारी संकल्प है, या फिर यह भी केवल भाषणबाजी है।

पत्र में जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से स्वीकार करने की मांग की है कि राज्य की वित्तीय स्थिति बिगड़ चुकी है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार किसानों के भावांतर और लाड़ली बहना योजनाओं में पारदर्शिता और भुगतान की गारंटी नहीं देती, तो कांग्रेस प्रदेश के हर गांव, कस्बे और मंडी में जाकर भाजपा सरकार की "खाली तिजोरी" जनता के सामने खोलेगी।

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