पटना , जनवरी 31 -- बिहार कांग्रेस ने शनिवार को प्रथम मुख्यमंत्री बिहार केशरी डा. श्रीकृष्ण सिंह और प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षा मंत्री विद्याकर कवि की पुण्यतिथि मनाई।
डा. श्रीकृष्ण सिंह की 65 वीं पुण्यतिथि एवं पूर्व शिक्षा मंत्री विद्याकर कवि की 39 वीं पुण्यतिथि आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश राम की अध्यक्षता में मनाई गई।
इस अवसर पर श्री राम ने कहा कि डा. श्रीकृष्ण सिंह दूरदर्शी सोच के राजनेता थे। उन्होंने कहा कि बिहार एवं झारखण्ड के सभी बड़े कल-कारखाने, बोकारो स्टील प्लान्ट, हेवी इंजीनियरिंग कारपोरेशन रांची, पतरातू एवं बरौनी बिजली कारखाना, बरौनी तेल शोधक कारखाना, मोकामा में राजेन्द्र सेतु एवं विकास के अन्य बड़े काम डा. श्रीकृष्ण सिंह के कार्यकाल में हुए। उन्होंने कहा कि जमींदारी प्रथा का उन्मूलन बिहार में श्रीबाबू के कार्यकाल में हुआ और उन्होंने बिहार को आधुनिक राज्य के श्रेणी में आजादी के बाद लाकर खड़ा कर दिया।
श्री राम ने कहा कि स्व. विद्याकर कवि स्वतंत्रता सेनानी एवं संवेदनशील नेता थे। वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए लगातार संघर्ष करते रहें और सफलतापूर्वक अपने कार्यकाल का निर्वहन किया।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, अनुशासन समिति के अध्यक्ष कपिलदेव प्रसाद यादव, ब्रजेश प्रसाद मुनन, हिमांशु कवि, मीडिया चेयरमैन राजेश राठौड़ सहित अन्य कांग्रेसजनों ने डा. श्रीकृष्ण सिंह के मूर्ति एवं स्व. विद्याकर कवि के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
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