देहरादून , अक्टूबर 15 -- उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड के सभी अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा मिलने और आज तक उन्हें जमानत न मिलने के बावजूद कांग्रेस के आरोपों का सिलसिला नहीं थमा है।
गुरुवार को देहरादून में कांग्रेस मुख्यालय में फिर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबन्धन समिति अध्यक्ष हरक सिंह रावत और प्रदेश सह प्रभारी सुरेन्द्र शर्मा ने संयुक्त रूप से संवाददाताओं को संबोधित किया। सभी ने एकसुर में अंकिता हत्याकांड का आरोपी दुष्यन्त कुमार गौतम को बताते हुये उन्हें सिक्किम प्रदेश का राज्यपाल बनाये जाने का विरोध किया।
कांग्रेस नेताओं ने इसे अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक बताया कि चार वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बावजूद अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीवीआईपी की पहचान एवं उसकी भूमिका को लेकर जनता के मन में व्याप्त संदेह का संतोषजनक निराकरण नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि प्रकरण में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम का नाम भी सार्वजनिक आरोपों एवं चर्चाओं में सामने आया है। ऐसे समय में जब अंकिता के परिजन एवं राज्य की जनता कथित वीवीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच तथा सम्पूर्ण सत्य सामने लाये जाने की मांग कर रहे हैं, तब दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम प्रदेश के राज्यपाल जैसे अत्यन्त गरिमामय एवं संवैधानिक पद पर नियुक्त किये जाने के निर्णय से प्रदेश की जनता की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है।
नेताओं के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस कमेटी का स्पष्ट मानना है कि किसी भी व्यक्ति को संवैधानिक पद पर नियुक्त किये जाने से पूर्व उससे जुड़े गंभीर सार्वजनिक आरोपों एवं विवादों का निष्पक्ष निराकरण होना चाहिए, ताकि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा, निष्पक्षता एवं विश्वसनीयता पर किसी प्रकार का प्रश्नचिह्न न लगे। उन्होंने कहा कि यह भी अत्यन्त पीड़ादायक है कि उत्तराखण्ड की एक बेटी को न्याय दिलाने के लिए उसके परिजनों एवं प्रदेश की जनता को वर्षों से संघर्ष करना पड़ रहा है तथा उनके माता पिता को उत्तराखंड एवं दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर प्रताडित किया जा रहा है। अंकिता भंडारी हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता तथा सत्ता के प्रभाव से मुक्त जांच सुनिश्चित करने की संवैधानिक जिम्मेदारी से जुड़ा अत्यन्त गंभीर विषय है।
संवाददाताओं से बातचीत के बाद कांग्रेस नेता लोक भवन पहुंचे। जहां राष्ट्रपति को संबोधित एक छह सूत्रीय ज्ञापन राज्यपाल के माध्यम से प्रेषित किया। ज्ञापन में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध सीबीआई जांच सुनिश्चित कराने, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम के सम्बन्ध में सामने आये सार्वजनिक आरोपों की निष्पक्ष जांच कराकर तथ्यों को जनता के समक्ष स्पष्ट करने और उन्हें सिक्किम प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किये जाने के निर्णय पर पुनर्विचार करने जैसी माँग की हैं।
इस दौरान एआईसीसी प्रवक्ता एवं उत्तराखंड मीडिया पर्यवेक्षक पंखुडी पाठक, प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति रौतेला एवं प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह आदि भी उपस्थित रहीं।
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