चंडीगढ़ , मई 01 -- मई दिवस/मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं और मजदूरों ने पंजाब विधानसभा के बाहर अपनी लंबित मांगों के समर्थन में विशाल प्रदर्शन किया।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में यह प्रदर्शन राज्य सरकार द्वारा मजदूर दिवस के अवसर पर बुलाए गए विशेष सत्र के साथ-साथ आयोजित किया गया।

इस मौके पर राजा वड़िंग ने कहा कि 'विशेष सत्र' केवल दिखावा है, क्योंकि सरकार ने पिछले चार वर्षों में मजदूरों के कल्याण के लिए कोई ठोस कानून नहीं बनाया। उन्होंने कहा कि कार्यकाल के अंतिम दौर में विशेष सत्र बुलाकर आम आदमी पार्टी ने यह साबित कर दिया है कि वह मजदूरों के नाम पर केवल नाटक कर रही है। उन्होंने कहा कि असली मजदूर आज धरने पर बैठे हैं, जबकि सरकार केवल प्रतीकात्मक घोषणाएं कर रही है। राजा वड़िंग ने मांग की कि न्यूनतम दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 750 रुपये प्रतिदिन की जाये। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अकुशल मजदूरों का मासिक वेतन 15,000 से 17,000 रुपये, अर्ध-कुशल मजदूरों का 19,000 से 20,000 रुपये और कुशल मजदूरों का 20,000 से 22,000 रुपये प्रति माह किया जाये। उन्होंने कहा कि किसी को भी संदेह नहीं है कि यह सत्र जनता का ध्यान भटकाने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार का समय पूरा हो चुका है और उसके कार्यकाल के केवल कुछ महीने ही शेष हैं। उन्होंने वादा किया कि राज्य में चुनावों के बाद यदि कांग्रेस की सरकार बनती है, तो मजदूरों के लिए न्यूनतम 750 रुपये दिहाड़ी सुनिश्चित की जाएगी और अन्य मांगों पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा मजदूरों और श्रमिक वर्ग के हित में काम करती रही है। उन्होंने मनरेगा का उदाहरण देते हुए कहा कि यह दुनिया का पहला ऐसा कानून था, जिसने देशभर में अकुशल मजदूरों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी दी।

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