मुंबई/पुणे , अप्रैल 06 -- महाराष्ट्र में बारामती उपचुनाव में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) उम्मीदवार और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ मैदान में उतरे कांग्रेस उम्मीदवार एडवोकेट आकाश मोरे ने प्रस्ताव दिया है कि अगर देवेंद्र फडणवीस सरकार पूर्व उप मुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करती है और जांच शुरू करती है, तो वह अपना नामांकन वापस ले लेंगे।
गौरतलब है कि श्री शरद पवार के नेतृत्व वाले विधायक रोहित पवार ने दिवंगत अजित पवार के विमान दुर्घटना मामले में कम से कम दो बार प्राथमिकी दर्ज करवाने की कोशिश की थी। उन्होंने एक बार मुंबई के मरीन लाइन्स पुलिस स्टेशन में और बाद में बारामती पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने दोनों ही मौकों पर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया था।
कांग्रेस उम्मीदवार ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "हम यह लड़ाई लोकतंत्र की रक्षा करने और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विचारधारा का विरोध करने के लिए लड़ रहे हैं। विमान दुर्घटना महज एक संयोग नहीं थी। सच सामने आना ही चाहिए। अगर सरकार प्राथमिकी दर्ज करती है और इस मामले की गंभीरता से जांच करती है, तो मैं अपना नामांकन वापस लेने के बारे में सोचूंगा।"कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कांग्रेस उम्मीदवार एडवोकेट मोरे की मांग का समर्थन करते हुए सवाल उठाया कि महाराष्ट्र में कोई प्राथमिकी क्यों नहीं दर्ज की गई, जबकि उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार सहित अजित पवार के परिवार के सदस्यों ने भी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की थी।
वहीं, दूसरी ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की नेता सुनेत्रा पवार बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करते समय भावुक हो गईं। उन्होंने हाल ही में अपने पति और एक प्रिय नेता को खोने की बात याद की और मतदाताओं से उनके सपनों को पूरा करने में उनका साथ देने की अपील की।
श्रीमती पवार ने नामांकन दाखिल करने से पहले पार्टी की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अब भी यह यकीन करना मुश्किल लगता है कि 'दादा' अब उनके बीच नहीं हैं। उन्होंने उनके निधन को न केवल अपने परिवार के लिए एक निजी क्षति बताया बल्कि बारामती, महाराष्ट्र और पूरे देश के लिए एक बड़ा झटका भी करार दिया।
उन्होंने कहा कि बारामती उनकी जान थी और इसी धरती पर उन्होंने अपनी आखिरी सांस ली थी। यह कहते हुए उनकी आवाज भर्रा गई और उनकी आंखों में आंसू आ गए।
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