रायपुर , फरवरी 06 -- छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने राज्य में चल रही विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता नाम विलोपन हेतु प्रयुक्त फार्म-7 के व्यापक दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई है।

पार्टी ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र लिखकर दावा किया है कि कुछ राजनीतिक तत्वों द्वारा फर्जी व सामूहिक रूप से फार्म-7 भरकर वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से हटाने का सुनियोजित प्रयास किया जा रहा है।

शुक्रवार को कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत शिकायत के अनुसार, राज्य की शासक भारतीय जनता पार्टी द्वारा बड़ी संख्या में फार्म-7 के प्रिंट लेकर अनाधिकृत लोगों के माध्यम से अनाधिकृत अधिकारियों को आपत्ति करवाई जा रही है, जो कानून का खुला उल्लंघन है। अधिकांश मामलों में शिकायतकर्ता का अस्तित्व ही नहीं है और जहां अस्तित्व है, वहां शिकायतें झूठी पाई गई हैं।

पत्र में खल्लारी विधानसभा क्षेत्र का विशेष उल्लेख किया गया है, जहां 20 से 22 जनवरी 2026 के बीच लगभग 4000 फार्म-7 आवेदन जमा हुए हैं। पार्टी का आरोप है कि इनमें अल्पसंख्यक समुदाय के एक विशेष वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है। आरोप है कि आपत्तिकर्ता दूसरे मतदान केंद्रों के निवासी हैं, जबकि जिनके खिलाफ आपत्ति लगाई जा रही है, वे उस इलाके के पुश्तैनी निवासी हैं और दशकों से वहां रह रहे हैं।

इसके अलावा, यह भी बताया गया है कि नियमानुसार ये आपत्तियां बूथ लेवल ऑफिसर के माध्यम से जानी चाहिए थीं, लेकिन इन्हें सीधे निर्वाचन पदाधिकारी को बड़ी संख्या में जमा कराया गया, जो प्रक्रिया के विपरीत है।

कांग्रेस ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इस तरह के दुरुपयोग से ग्रामीण, आदिवासी, प्रवासी मजदूर, वृद्ध एवं अशिक्षित मतदाता सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें पूर्व सूचना या सुनवाई का अवसर तक नहीं दिया जा रहा है। इससे मतदाता सूची की शुद्धता, जो लोकतंत्र की आधारशिला है, को खतरा उत्पन्न हो गया है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से अनुरोध करते हुए पार्टी ने कई मांगें रखी हैं। इनमें फार्म-7 के प्रत्येक आवेदन का अनिवार्य भौतिक सत्यापन, मतदाता को सुनवाई का अवसर दिए बिना नाम न हटाना, सामूहिक रूप से भरे गए आवेदनों की विशेष जांच, बीएलओ और अन्य अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश, तथा दुरुपयोग की शिकायतों के निवारण के लिए त्वरित प्रणाली स्थापित करना शामिल है। साथ ही, लॉजिकल एरर के आधार पर जारी नोटिसों को निरस्त करने का भी आग्रह किया गया है।

कांग्रेस ने कहा है कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि निर्वाचन आयोग लोकतंत्र की पवित्रता बनाए रखने हेतु इस गंभीर मामले पर तत्काल संज्ञान लेगा और आवश्यक कार्रवाई करेगा।

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