सुलतानपुर , सितबर 14 -- देश के गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष व रायबरेली सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि मामले में सोमवार को वकीलों के कार्य बहिष्कार के कारण सुनवाई टल गई है। एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 16 सितंबर की तिथि तय कर दी है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ल ने बताया कि राहुल गांधी के वायस सैम्पल का विधि विज्ञान प्रयोगशाला से मिलान कराने की अर्जी ट्रायल कोर्ट व सेशन कोर्ट से खारिज होने के आदेश को चुनौती देने वाली परिवादी भाजपा नेता विजय मिश्र की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।

पिछले 3 सितंबर को हुई सुनवाई में शिकायतकर्ता भाजपा नेता के वकील ने कोर्ट को बताया था कि इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। भाजपा नेता विजय मिश्र के वकील संतोष पांडेय ने हाईकोर्ट में 1 सितंबर को दाखिल याचिका की स्टेटस रिपोर्ट ट्रायल कोर्ट को दी।

ज्ञातव्य है कि राहुल गांधी पर वर्ष 2018 में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ बेंगलुरु में आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। राहुल गांधी के खिलाफ 4 अगस्त 2018 को जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन और भाजपा नेता विजय मिश्र ने मानहानि का केस दायर किया था। 27 नवंबर 2023 को कोर्ट ने राहुल गांधी को पेश होने के लिए बुलाया था। इसके बाद वारंट जारी होने पर राहुल गांधी 20 फरवरी 2024 को कोर्ट में हाजिर हुए और जमानत ली थी। उन्होंने 25-24 हजार रुपये के दो मुचलके भरे थे। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने अपना बयान दर्ज कराया था। 20 फरवरी को राहुल गांधी दोबारा कोर्ट में पेश हुए, जहां उनका बयान दर्ज हुआ। इसके बाद शिकायतकर्ता विजय मिश्र ने राहुल गांधी की वायस सैम्पल का मिलान कराने के लिए अर्जी दी थी।

इस अर्जी को ट्रायल कोर्ट ने 2 मई को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ दायर अर्जी भी सेशन कोर्ट से 15 जुलाई को खारिज कर दी गई थी।

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