दुर्ग , अक्टूबर 30 -- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता जेपी नड्डा ने शुक्रवार को कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने और देश में अराजकता का वातावरण पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव जीतने पर चुनावी व्यवस्था को सही मानती है, लेकिन हारने के बाद चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगती है।
श्री नड्डा दुर्ग के महेश कॉलोनी में भाजपा की ओर से आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' रैली को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन दिल्ली में एक नवम्बर को प्रस्तावित कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के खिलाफ किया गया था। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "जब इलेक्शन जीत जाए तो वह होशियार और हार जाए तो इलेक्शन कमीशन खराब कहते हैं। आज हमें इसी अराजकता से बचने की आवश्यकता है।"केंद्रीय मंत्री ने चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में इस तरह की प्रक्रिया पहली बार नहीं अपनाई गई है। उन्होंने कहा, "इस बस्तर में एकं जगह है चांदा मेटा, जहां पहली बार चुनाव हुआ। इस देश में पहली बार एसआईआर नहीं हुआ है। 10 बार इन्होंने कराया, हमने सिर्फ दो बार एसआईआर कराया। एक बार अटल जी के समय और दूसरी बार अब।"श्री नड्डा ने दावा किया कि मतदाता सूची से दो करोड़ 13 लाख ऐसे लोगों के नाम हटाए गए हैं, जो अनुपस्थित थे अथवा देश के नागरिक नहीं थे। उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनावों से भी यह स्पष्ट हो गया है कि चुनाव ईवीएम या बैलेट के आधार पर नहीं, बल्कि जनता के विश्वास से जीते जाते हैं।
उन्होंने हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में भी भाजपा की चुनावी जीत का विश्वास व्यक्त किया। कांग्रेस पर घुसपैठियों के सहारे चुनावी सफलता हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जनता का विश्वास प्राप्त करने के बजाय दूसरे रास्ते तलाश रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि सीमावर्ती नौ जिलों में मतदान प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने इंडिया गठबंधन के नेताओं पर भी निशाना साधते हुए उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार और पश्चिम बंगाल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन राज्यों में 35 साल से चुनाव नहीं जीत पाने और सरकार नहीं बना पाने वाले नेता अब चुनाव में चोरी के आरोप लगा रहे हैं।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी कांग्रेस पर देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आज ऐसे लोगों के विरोध में एकत्रित होने की आवश्यकता है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं।
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