कोटा , अक्टूबर 30 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि उनके शासन में प्रदेश में सत्ता संघर्ष के दौरान चार महीने तक कांग्रेस होटलों में बंद थी और जनता के नकार देने पर अब उसे लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाने के बजाय अपने शासनकाल के कारनामों का जवाब देना चाहिए।
श्री शर्मा शुक्रवार को कोटा में लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ पदयात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि इनकी सरकार ने पंचायत और निकाय चुनाव कराने में दो साल लगाये। हर तीन महीने में आचार संहिता लगाते थे। उन्होंने कहा कि हमने वन स्टेट-वन इलेक्शन की बात कही तो कांग्रेस के लोग कहते थे कि ये नहीं करा पायेंगे, तुम्हारे काका जी भी नहीं करा पायेंगे। अब वो देख लें कि काकाजी ने चुनाव कराए कि नहीं। निकाय चुनाव संपन्न हुए हैं और पंचायत चुनाव भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लोग लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन इनके शासनकाल में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं का किस तरह दुरुपयोग किया, यह जनता जानती है।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। अब तक 265 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित किया गया है और करीब 700 के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गयी है। कई मामलों में शत-प्रतिशत पेंशन रोकी गयी है तथा कार्मिकों को सेवा से हटाने और बर्खास्त करने जैसी कार्रवाई भी की गयी है। भ्रष्टाचारी कोई भी हो, उसे किसी कीमत पर नहीं छोड़ा जायेगा और पूरी तरह दंडित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब कल्याण की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस जिस तरह लोकतंत्र में अराजकता फैलाने का काम कर रही है, हम सभी को उसका जनता के बीच जाकर मुंहतोड़ जवाब देना होगा। उन्होंने कहा कि आज जनता ने कांग्रेस को नकार दिया है, इसलिए उसे अब लोकतंत्र के नाम पर भ्रम फैलाने के बजाय अपने शासनकाल के कारनामों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में कांग्रेस का अन्य राज्यों से भी सूपड़ा साफ होने वाला है।
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