रायपुर , अक्टूबर 17 -- अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच प्रस्तावित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के लिए देशभर में 208 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। इनमें छत्तीसगढ़ के आठ प्रमुख कांग्रेस नेताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कांग्रेस के नेताओं से आज मिली जानकारी के अनुसार संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष ने सभी 208 पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी। नियुक्त पर्यवेक्षक अलग-अलग जिलों में अभियान से संबंधित गतिविधियों की निगरानी करेंगे और संगठनात्मक स्तर पर इसकी गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
छत्तीसगढ़ से इस अभियान के लिए जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है, उनमें फूलो देवी नेताम, मोहन मरकाम, राजेश तिवारी, विकास उपाध्याय, अमरजीत भगत, शिव डहरिया, जय सिंह अग्रवाल और प्रेमसाय सिंह टेकाम शामिल हैं। इन नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर संचालित होने वाले अभियान के तहत पर्यवेक्षक बनाया गया है।
एआईसीसी की ओर से जारी सूची में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं, पूर्व सांसदों, विधायकों, पूर्व मंत्रियों और संगठन के सक्रिय पदाधिकारियों को स्थान दिया गया है। प्रमुख नामों में अधीर रंजन चौधरी, अविनाश पांडे, बालासाहेब थोराट, एन. रघुवीर रेड्डी, जगदीश ठाकोर, कमलेश्वर पटेल, नबाम तुकी, राजीव शुक्ला, अखिलेश प्रसाद सिंह, पृथ्वीराज चव्हाण, रघु शर्मा, अजय कुमार लल्लू, नाना पटोले, अजय कुमार और अशोक तंवर शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता के साथ समझौता किया है। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली होने का आरोप लगाया है।
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